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हिरन नदी सूखी, कुछ दिन ही होगी जलापूर्ति 

Updated: IST Hiran river
सिहोरा की 50 हजार की आबादी के समक्ष पीने के पानी का संकट, रेत के अवैध उत्खनन के चलते बन गए भयावह हालात

सिहोरा. खितौला। अंचल की जीवन रेखा हिरन नदी गर्मी और लगातार हो रहे रेत के अवैध उत्खनन के कारण सूखने की कगार पर है। नदी में अब पानी नहीं बचा है। मझगवां घाट खितौला फिल्टर प्लांट जिससे नगर पालिका परिषद् के 18 वार्डों को पीने के पानी की आपूर्ति करता है, सिर्फ कुछ दिनों के लिए पानी बचा है। ऐसे में सिहोरा की 50 हजार की आबादी के समक्ष पीने पानी का संकट खड़ा हो गया है।

हिरन नदी से लगातार हो रहे अवैध उत्खनन के कारण हिरन का जलस्तर कम होता जा रहा है। गर्मी को देखते हुए जल संग्रहण और संरक्षण के लिए कोई उपाय नहीं होने से अप्रैल में भीषण जलसंकट का सामना सिहोरा नगर और तहसील के ग्रामों को करना पड़ रहा है। खितौला खम्परिया, कूम्ही (सतधारा) से लेकर घाटसिमरिया तक जगह-जगह हिरन की तलहटी दिखने लगी है। जहां-तहां थोड़ा बहुत मटमैला पानी ही नदी में बचा है। देवरी (लमतरा), कुम्ही सतधारा, महगवां, मढ़ा परसवारा, कचनारी, मुरता, भाटादौन, हरगढ़, बरेली, केवलारी, दरौली, घुघरा, आलगोड़ा, रिठौरी हिरन नदी के किनारे बसे हैं, ने भीषण जलसंकट के चलते पानी को रोक दिया है।

बूढ़ा फिल्टर प्लांट, जर्जर पानी की टंकी
जलसंकट के लिए नगर पालिका परिषद् के साथ 18 वार्डों के लोग भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। सार्वजनिक नलों से टोंटी को निकालकर फेंक देना। घरों में लगे स्थानीय कनेक्शनों में टोंटी लगाने के आदेश को दरकिनार कर दिया गया, वहीं दूसरी तरफ 50 हजार की आबादी की जलापूर्ति तीस साल पुराने हो चुके फिल्टर प्लांट और रिसती पानी की टंकी से हो रही है।

बरगी नहर का पानी हिरन में छोड़ा जाए
नगर में जलापूर्ति के लिए सिर्फ पांच दिन का पानी शेष बचने और पीने के पानी की समस्या को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष सुशीला चौरसिया ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बरगी नहर का पानी हिरन नदी में छोड़े जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह जलसंकट की स्थिति निर्मित हुई थी। जल्द ही बरगी नहर से हिरन में पानी नहीं छोड़ा गया तो स्थिति बिगड़ सकती है। ज्ञापन सौंपते समय अशोक खरे, पार्षद आलोक पांडे, गणेश दाहिया, गोविंद कुर्मी, जितेंद्र श्रीवास्तव, सुनील तिवारी, अमोल चौरसिया, पवन सोनी, डॉ. आरके यादव के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

यह बात सही है कि हिरन नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। पूरे नगर में जलापूर्ति हिरन नदी फिल्टर प्लांट से होती है। खितौला हिरन नदी घाट स्टापडेम से कुछ ही दिनों तक जलापूर्ति होगी। ट्यूबवेल का पानी टैंकरों से वार्डों तक पहुंचाने की तैयारी कर ली गई है।
सत्येन्द्र शालवार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी

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