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Photo Icon ये है करवाचौथ- खुद की जिंदगी दांव पर लगाई और.....  पति को दे दिया नया जीवन 

Updated: IST karva chauth, wife donate kidney, wife Save husban
परिवार का साथ नहीं मिला तो किडनी देने अड़ गई पत्नी, अल्पायु पति को किडनी देकर जिन्दा रखा करवाचौथ

संवेद [email protected]करवाचौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए हर पत्नी निर्जला उपवास रखती है और ईश्वर से कामना करती है, लेकिन यहां एक पत्नी ऐसी भी है, जिसने पति की सलामती के लिए जो जिद की, आज उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने न सिर्फ बेटियों को किया हुआ वादा निभाया, बल्कि पति की अद्र्धांगिनी का फर्ज भी पूरा किया।

यह कहानी है शहर के बस स्टैंड पर रहने वाले महेंद्र कुमार सोनी (55) की पत्नी सवीता सोनी (50) की। जिनकी शादी 1986 में हुई थी और वह आज 30वां करवाचौथ का व्रत रखेगी। सवीता का विवाह वैसे तो संपन्न घर में हुआ था, लेकिन 2007 में एक ऐसा वक्त आया जब उनके पति महेंद्र बीमारियों से घिर गए। पहले डायबिटीज और फिर ब्लडप्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हुए। हालात गंभीर होती चली गई और नागपुर में डॉक्टर ने बताया कि उनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी है।

इतना सुनने के बाद भी सवीता ने हार नहीं मानी। अपनी चार बेटियों का साहस भी बनाया और पति के उपचार में कमी भी नहीं होने दी। 2009 में वह अपने गुरु जिमी अलमेड़ा मुंबई के पास पहुंची। जहां से उन्हें गुजरात के नडय़ाड़ जाकर किडनी ट्रांसपरेंट की रास्ता दिखाया गया। सवीता ने तब भी पीछे नहीं देखा और अपने भाई को साथ लेकर नडय़ाड़ पहुंची। जहां डॉक्टर ने परिवार के सदस्यों से किडनी देने की बात कही। भाई, बहन की किडनी न मिलने पर सवीता स्वयं किडनी देने अड़ गई, जिस पर डॉक्टर्स भी झुक गए और किडनी ट्रांसपरेंट के टेस्ट शुरू हुए। दंपति का ब्लड ग्रुप समान होने के साथ ही 98 प्रतिशत किडनी भी मेच हुई और ऑपरेशन सफल हो गया। आज 8 साल बीतने के बाद भी सोनी परिवार स्वयं को सबसे खुशहाल मानता है।
संकल्प के साथ महिलाएं करवा चौथ का व्रत करें
यह मेरा कर्तव्य था, जिसे मैने निभाया। गुरुजी जिमी अलमेड़ा और उनकी पत्नी ज्योति ताई द्वारा बढ़ाए गए मनोबल का ही नतीजा था कि मैं यह निर्णय ले सकी। सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि अपने जीवनसाथी के प्रति आदर और समर्पण की भावना हमारे अंदर होना चाहिए। दिखावे से दूर रहकर यह भावना जरूरी है, तभी हमारा जीवन सफल है। शरीर और मन के विकारों से दूर रहने के लिए सकारात्मक सोच और खुश रहना जरूरी है। इस बार इस संकल्प के साथ महिलाएं करवा चौथ का व्रत करें।

पत्नी के लिए शब्द कम- महेंद्र
तीन साल तक जितने दर्द और कष्ट मुझे मिले, वह कोई झेल नहीं सकता, लेकिन पत्नी के साथ ने मुझे बहुत कम ही दर्द का अहसास हुआ। ऐसी पत्नी सभी को मिले, यही ईश्वर से कामना करता हूं। मैं तो धन्य हूं जो इतनी समर्पित पत्नी मिली। पत्नी की प्रतिज्ञा ही है कि ट्रांसपरेंट के 8 साल बाद भी हम खुश है। परिवार को गुलाब बाबा, गुरु जिमी अलमोड़ और ज्योति ताई ने नया जीवन दिया है। पत्नी और गुरुओं के बारे में शब्द कम है।

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