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मानसून हुआ सक्रिय, दो दिन में हो सकती है झमाझम,इन्होंने किया अलर्ट

Updated: IST mystery of monsoon, monsoon arrived in mp, barish
दो दिन में हो सकती है मानसून की दस्तक, कम गर्मी और नमी से लौट रहे बादल

जबलपुर। पिछले सात वर्ष से मानसून की दस्तक देरी से हो रही है। इस बार भी मानसून समय से एक सप्ताह बाद आने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार देर से आया मानसून आखिरी दौर में सक्रिय रहता है। यानी बारिश का सीजन समाप्त होने के बाद भी बारिश होगी। वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं।

अभी राजस्थान, हरियाणा, असम में कम दबाव का चक्रवात बना है। हवा पश्चिमी ही रही तो अरब सागर से नमी आने की संभावना है। दो दिन में मानसून की दस्तक हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर में मानसून आगमन की तिथि 15 जून है। जून से सितम्बर तक मानसून सीजन है। कई वर्षों से अगस्त में झमाझम बारिश हो रही है। अभी तापमान और आद्र्रता दोनों अपेक्षाकृत कम है। इस कारण कम दबाव का चक्रवात नहीं बन रहा है। नतीजतन मानसूनी बादल लेट हो रहे हैं।

इसलिए अटका
मौसम विभाग के वैज्ञानिक सहायक आरके दत्ता ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ गया है। जब तापमान और आद्र्रता अधिक होती है तो गर्मी और नमी से कम दबाव का क्षेत्र बनता है और बारिश होती है। जबलपुर की औसत बारिश 1315 मिमी है। धरती ज्यादा तपी है। एेसे में औसत से अधिक बारिश की संभावना है।

सता रही उमस
हवा की रफ्तार थमते ही लोग गर्मी और उमस का अहसास कर रहे हैं। आलम यह है कि रात में कूलर, पंखे की हवा से भी नींद नहीं आ रही है, लोग रात में छतों पर टहलते नजर आ रहे हैं। दिन में धूप कमजोर है, जबकि उमस बचैन कर रही है। सएफआरआई की सीनियर रिसर्च अफसर डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार सीजन की शिफ्टिंग जलवायु परिवर्तन का असर है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण एेसा हो रहा है। प्रदूषण बढऩे के कारण पर्यावरण की सेहत खराब हो रही है।

सर्दी और बुखार के मरीज बढ़े
मौसम में बदलाव से सर्दी, बुखार और मच्छर जनित बीमारियों का असर दिख रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बीमारियों का सीजन शुरू हो गया है। गर्मी और उमस के दौर में बर्फ और बासी भोजन या खराब फल खाने से तबीयत बिगड़ रही है। सर्दी और बुखार हो रहा है। गले पर बुरा असर पड़ रहा है। ओपीडी में सोमवार को सर्दी और विभिन्न प्रकार के बुखार के ज्यादा मरीज पहुंचे। पुरुष ओपीडी में 85 और महिला ओपीडी में 92 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसी प्रकार विक्टोरिया जिला हॉस्पिटल में उल्टी दस्त के 11 मरीज आए। मेडिसिन ओपीडी में 315 मरीजों को परामर्श दिया गया। ज्यादातर लोग सर्दी, बुखार और मलेरिया, टाइफाइड से पीडि़त थे। बाजारों में ठेले पर खराब फलों की खुलेआम बिक्री हो रही है। इससे पाचन क्रिया पर असर पड़ रहा है।

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