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निगम की गलती:खामियाजा भुगता आधा शहर, पानी को तरसे लोग

Updated: IST water shortage
चौथे दिन हो पाया राइजिंग मेन लाइन में सुधार,

जबलपुर। मेडिकल कॉलेज रोड और बाजनामठ के आगे राइजिंग मेन लाइन में आए लीकेज को सुधारने में नगर निगम ने चार दिन लगा दिए। 28 नवंबर की सुबह जलापूर्ति के बाद रमनगरा जलशोधन संयंत्र से सप्लाई रोककर शुरू कराया गया यह काम गुरुवार तड़के तक जारी रहा। दो लीकेज सुधारने में 80 घंटे से भी ज्यादा समय लगने से निगम के अफसरों की इंजीनियरिंग एक बार फिर फिसड्डी साबित हो गई है।
रमनगरा जलशोधन संयंत्र से बिड़ला धर्मशाला तक फाइबर की मेन राइजिंग लाइन डाली गई है। एेसी पाइप लाइन रेगिस्तान के लिए कारगर होती है, लेकिन मनमानी करने वाले निगम के अफसरों ने जबलपुर में भी इसका प्रयोग करा डाला, जो लगातार लीकेज से मुसीबत साबित हो रहा है। इस लाइन में आने वाले लीकेज को कैसे सुधारा जाता है, इसकी तकनीकी जानकारी तक निगम के अफसरों को नहीं है। इसके चलते बाजनामठ के आगे का लीकेज सुधारने के लिए निगम को स्थानीय ठेकेदार का सहारा लेना पड़ा। उसके अमले ने इस लीकेज को सुधारने में तीन दिन से ज्यादा समय लगा दिया।

फाइबर ने लगाया वक्त
फाइबर लाइन में लीकेज सुधारने के लिए उस पर ग्लास फाइबर की 8 लेयर डालनी पड़ीं। केमिकल मिक्स कर एक लेयर डालने के बाद घंटों सूखने का इंतजार करना पड़ा। यह प्रक्रिया आठ बार अपनाई गई। इसके बाद कांक्रीटिंग की गई, जिसे सूखने में भी घंटों लग गए। इसके कारण गुरुवार सुबह जलापूर्ति की तैयारी धरी की धरी रह गई। शाम को निर्धारित समय पर नलों ने पानी उगला तो चार दिन से परेशान आधे शहर ने राहत की सांस ली।

बाल्टियां लेकर भटकते रहे लोग
आधे शहर में गुरुवार की सुबह भी पानी नहीं आने से कई वार्डों में हाहाकार मचा रहा। लोग बंूद-बंूद पानी के लिए तरस गए। बाल्टियां, डिब्बे लेकर लोगों को यहां-वहां पानी के लिए भटकते देखा गया। जिन कुएं- हैण्डपंप का पानी इस्तेमाल करने से लोग कतराते थे, वहां लंबी कतारें लगी रहीं। टैंकर पहुंचने पर लोगों में पहले पानी भरने की होड़ दिखाई पड़ी।

चार दिन बाद भर पाईं ये टंकियां
मेडिकल, त्रिपुरी, बिड़ला धर्मशाला, गुलौआ, राइट टाउन, रामेश्वरम, मनमोहन नगर, लक्ष्मीपुर, कोतवाली, मोतीनाला, आनंदनगर, लेमा गार्डन, सर्वोदय नगर, मदरटेरेसा, बेदीनगर, गोहलपुर।

'फोर जी' का कारनामा
बाजनामठ के आगे मेन राइजिंग लाइन में आए बड़े लीकेज के पीछे अण्डरग्राउण्ड फोर जी केबल लाइन कार्य को कारण बताया जा रहा है। निगम के अफसरों को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बताया गया कि फोर जी केबल लाइन डालते समय पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस संबंध निगम के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव से संपर्क किए जाने पर उनका कहना था कि वरिष्ठ अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। कार्रवाई का निर्णय उनके द्वारा ही लिया जाएगा। इससे पूर्व भी कई बार फोर जी केबल बिछाने के दौरान पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

समस्या: एक नजर

-2 लीकेज बाजनामठ व मेडिकल रोड के पास
-28 नवंबर को सप्लाई रोककर शुरू हुआ सुधार
-30 नवंबर को तीसरे दिन भी काम अधूरा
-1 दिसंबर को सुबह नहीं मिला पानी

रमनगरा प्लांट: फैक्ट्स
-120 एमएलडी है रमनगरा फिल्टर प्लांट की क्षमता
-16 उच्च स्तरीय टंकी जुड़ी हैं प्लांट से
-80 एमएलडी पानी रोजाना होती है सप्लाई
-40 एमएलडी क्षमता का नहीं हो रहा इस्तेमाल

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