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Video Icon क्रेशर खदान मे न फेंसिंग ना ही डस्ट कंट्रोल, कुछ इस तरह चल रही जांजगीर की खदानें

Updated: IST In the crusher mine, neither fencing nor dust cont
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सुरक्षा मानकों के तहत क्रेशर खदानों में सुरक्षा के लिए तार फैंसिंग और वायु प्रदूषण रोकने के लिए डस्ट कंट्रोल के उपाय करना अत्यंत अनिवार्य है।

जांजगीर-चांपा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सुरक्षा मानकों के तहत क्रेशर खदानों में सुरक्षा के लिए तार फैंसिंग और वायु प्रदूषण रोकने के लिए डस्ट कंट्रोल के उपाय करना अत्यंत अनिवार्य है।

खनिज विभाग की लापरवाही के चलते जिले में कोई भी क्रेशर खदान संचालक इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है।

पत्रिका ने इसी कड़ी में जब नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत सलखन ग्राम पंचायत अंतर्गत संचालित भदरेश जी शाह क्रेशर खदान का दौरा किया वहां चौकाने वाले परिणाम देखने को मिले। ४०० हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित इस खदान में न तो पूरी तरह तार फैंसिंग की गई है और न ही डस्ट कंट्रोल के लिए कोई उपाय किया जा रहा है।

प्रदूषण नियंत्र बोर्ड के मुताबिक एनजीटी ने क्रेशर खदानों में सुरक्षा के इंतजाम के लिए फैंसिंग करने और डस्ट कंट्रोल करने के लिए खनिज विभाग सहित सभी क्रेशर संचालकों को विशेष दिशा निर्देश जारी किया है। इसके बाद भी यहां इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

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पत्रिका की टीम ने जब इस खदान का दौरान किया तो यहां पत्थर को क्रश करने वाले कनवेयर वेल्ट में धूल को उडऩे से रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए थे।

इतना ही नहीं सड़क से आने-जाने वाले लोगों को पत्थर की डस्ट से होकर आना-जाना करना पड़ता है। इतना ही नहीं यहां डस्ट कंट्रोल के लिए पानी छिड़काव करने के लिए पंप तो लगाया गया है,

लेकिन कभी यहां पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है। जबकि यहां का काम देख रहे कामिल खान के भाई नबी का दावा है

कि वह लोग समय-समय पर पानी का छिड़काव करते हैं, लेकिन जब उनसे वहां एक पानी पड़ा न होने की बात कही तो वह हंसकर कहने लगा साहब आप तो सब जानते हो, तो फिर क्यों ऐसा पूछ रहे हैं। जो भी बात करना है कामिल भाई से बात कर लेना।

नहीं किया पौध रोपण- इस ४०० हेक्टेयर की खदान में खनिज विभाग के नियम के मुताबिक संचालक को पौध रोपण करना है और उनकी सुरक्षा भी करनी है, लेकिया यहां एक दो अपने से उगे पौधों को छोड़कर एक भी पौधा लगा नहीं दिया।

इस पर नबी खान का कहना है कि पौध रोपण होता है, लेकिन जानवर उन्हें खा जाते हैं तो वह क्या करें। इतनी बाड़ी लापरवाही के बाद भी खनिज विभाग इन पर को लगाम नहीं लगा रहा है।

पीएमजीएसवाय का बोर्ड बढ़ा रहा शोभा- भदरेश जी शाह क्रेशर खदान के अंदर ही प्रधनमंत्री ग्राम सड़क योजना और गांव में लगने वाले बोर्ड सहित कई तरह के बोर्ड रखे हुए पाए गए। इसमें से एक बोर्ड पीएमजीएसवाय के तहत बनी मेन रोड से हथनेवरा तक सड़क का बोर्ड रखा था।

 neither fencing nor dust control

२५ नवंबर २०११ में पूर्ण हो चुके कार्य के इस बोर्ड को चोरी कर यहां लाया गया या फिर जानबूझ कर ठेकेदार ने उखाड़कर यहां रख दिया इसके बारे में कोई नहीं बता पाया है। खनिज विभाग अधिकारी भी यहां जांच के लिए जाते हैं, लेकिन इन्हें भी यह बोर्ड नहीं दिखा।

खदान का नाम - भदरेश जी शाह

स्थान - सलखन

खनिज - चूना पत्थर

रकबा - ४०० हेक्टेयर

खसरा नंबर - ३३८

अवधि - २१ सितंबर २०१६ से २० नवंबर २०३६ तक

सभी खदाने मानक- सभी खदाने मानक से संचालित हो रही है। यदि कोई मानकों को पालन नहीं कर रहा है तो उसकी जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

-केके गोलघाटे, खनिज अधिकारी, जांजगीर-चांपा

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