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स्टॉफ नर्सेस अब लिख सकेंगी दवाएं, करेंगी आपरेशन

Updated: IST Nurses will be able to prescribe medicines now
अस्पतालों में कार्यरत स्टॉफ नर्सेस अब दवाएं भी लिख सकतीं हैं और छोटे मोटे आपरेशन भी कर सकती हैं।

जांजगीर-चांपा. अस्पतालों में कार्यरत स्टॉफ नर्सेस अब दवाएं भी लिख सकतीं हैं और छोटे मोटे आपरेशन भी कर सकती हैं।

इसके लिए उन्हें एक साल का ट्रेनिंग लेनी होगी। सरकार ने उन्हें मंजूरी दे दी है।बहुत जल्द स्टॉफ नर्सेस एक साल की ट्रेनिंग करेंगे और उन्हें छोटे डॉक्टर का मतगा मिल जाएगा। सरकार के इस आदेश से स्टॉफ नर्सेस में खुशी का आलम है।

अस्पतालों में कार्यरत स्टॉफ नर्सेस को अब सरकार मिनी डॉक्टर की उपाधि देने जा रही है। ऐसे स्टाफ नर्सेस को एक साल की ट्रेनिंग देकर उन्हें ग्रामीण अंचल या सीएचसी व पीएचसी में पदस्थ करेगी।

अमूमन सर्दी खांसी बुखार जैसे छोटे मोटे दर्द के लिए स्टाफ नर्सेस गोली दवा अनाधिकृत रूप से लिखती हीं हैं। जिसे अब वे ठस्के के साथ लिख सकेंगीं।

हालांकि उन्हें डॉक्टरों के पीछे रहकर कौन से बीमारी में कौन सी दवा दी जाती है इसका अनुभव रहता है। इसके बाद यदि उन्हें थोड़ी बहुत ट्रेनिंग मिल जाए तो

वे बखूबी छोटे मोटे बीमारी का इलाज भी कर सकतीं हैं। इतना ही नहीं डॉक्टरों के साथ रहकर आपरेशन थिएटर में भी काम करतीं हंैं। इस कारण उन्हें आपरेशन का भी अनुभव रहता है।

प्रैक्टिस भी कर सकेंगीं

साल भर का नर्सेस प्रैक्टिशनर इन क्रिटिकल कोर्स करने के बाद नर्स कहीं भी प्रैक्टिस कर सकेंगीं। माना जा रहा है कि डॉक्टरों की कमी को देखते हुए

सरकार ने स्टॉफ नर्सेस को ही ट्रैनिंग देकर आगे लाना चाह रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो यह कोर्स वर्ष २०१७ में ही शुरू की जा सकती है। ताकि ग्रामीण अंचलों के अस्पतालों में डॉक्टरों की जगह इनकी पोस्टिंग की जा सके।

यह मिलेगी सुविधा

ग्रामीण अंचल के अस्पतालों में अभी भी डॉक्टरों के सैकड़ो पद रिक्त है। सरकार अस्पताल तो खोल रही, लेकिन डॉक्टरों के रिक्त पद नहीं भर पा रही है।

ऐसे में स्टॉफ नर्स को ट्रेनिंग देकर ग्रामीण अंचल के अस्पतालों में नियुक्ति दे सकती है। ऐसे में ग्रामीण अंचल के अस्पतालों में इनकी पदस्थापना कर डॉक्टरों की कमी को दूर कर मरीजों के हित में काम कर सकती हैं।

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