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टेंडर निरस्त कर जिन टीडीआर को करना था राजसात, उन्हें कर दिया रिलीज

Updated: IST Rejecting the tender, the TDR which was intended t
लोक निर्माण विभाग यानि शासन द्वारा विकास कार्य के लिए जितने भी निर्माण कार्य कराए जाते हैं उनकी मदर एजेंसी, जिसकी जिम्मेदारी है निर्माण कार्य को मानक के मुताबिक गुणवत्तायुक्त हो।

जांजगीर-चंापा. लोक निर्माण विभाग यानि शासन द्वारा विकास कार्य के लिए जितने भी निर्माण कार्य कराए जाते हैं उनकी मदर एजेंसी, जिसकी जिम्मेदारी है निर्माण कार्य को मानक के मुताबिक गुणवत्तायुक्त हो।

इसके लिए राज्य शासन विभाग के इंजीनियर और अन्य स्टॉफ पर हर माह अरबों रुपए का बजट मात्र वेतन पर खर्च करती है, लेकिन इस विभाग के इंजीनियर और कर्मचारी शासन को फायदा पहुंचाने की जगह उल्टा चूना लगाने में तुले हुए हैं। पीडब्ल्यूडी के चांपा डिवीजन में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

यहां छह निर्माण कार्य के टेंडर को निरस्त कर देने के बाद संबंधित ठेकेदार का एफडीआर राजसात करने की जगह संबंधि वरिष्ठ लेखा लिपिक ने उन्हें रिलीज कर ठेकेदार को दे दिया है।

जानकारी के मुताबिक पीडब्ल्यूडी चांपा डिवीजन में साल २०१३-१४ में करोड़ों रुपए का बीटी पैच रिपेयर का टेंडर जारी किया गया था। इनमें से लगभग १.१२ करोड़ के छह कार्य मेसर्स सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन ने लिया था।

ठेकेदार ने जब समय पर कार्य नहीं कराया तो जांजगीर एसडीओ ने उसे नोटिस दिया और जब नोटिस का जवाब नहीं मिला तो उसके सभी कार्य धारा तीन की कार्रवाई के तहत निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद भी विभाग से सभी एफडीआर जारी कर ठेकेदार को वापस कर दिए गए हैं।

ये है नियम- नियम के मुताबिक वर्क एग्रीमेंट करने के बाद भी यदि कोई ठेकेदार समय पर कार्य पूरा नहीं करता तो विभागीय अधिकारी को वह कार्य धारा-३ के तहत निरस्त कर नया टेंडर जारी करने का अधिकार है।

इस स्थिति में संबंधित ठेकेदार का एफडीआर राजसात करने का नियम है। यदि कार्य शुरू हो गया है तो उस पर १० प्रतिशत की अतिरिक्त रिकवरी भी की जानी है।

साल २०१३-१४ के यह कार्य हुए थे निरस्त-

1. बलौदा सेक्सन के लिए बीटी पेंच के लिए ४ अक्टूबर २०१३ को २५४ डीएल टेंडर १८.९१ लाख का निकाला गया था। इसके लिए सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन द्वारा एसबीआई जांजगीर से २१ सितंबर २०१३ को जारी १५००० रुपए का एफडीआर ३३३१५३६९३९७ जमा किया था। १५ फरवरी २०१४ को यह कार्य निरस्त हो गया, लेकिन यह एफडीआर राजसात नहीं किया गया।

2. अकलतरा सेक्सन के लिए बीटी पेंच का यह कार्य २४९ डीएल ४ अक्टूबर २०१३ को १९.८० लाख की लागत से निकाला गया था। इसके लिए सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन ने एसबीआई जांजगीर से २१ सितंबर २०१३ को जारी १५००० रुपए का एफडीआर ३३३१५३७००४० जमा किया था। २२ जनवरी २०१४ को यह कार्य निरस्त हो गया, लेकिन यह एफडीआर राजसात नहीं किया गया।

3. अकलतरा सेक्सन में कापन जर्वे मांर्ग में बीटी पेंच के लिए २३ मई २०१३ को २० लाख की लागत से ६८ डीएल टेंडर निकाला गया था। सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन ने एसबीआई जांजगीर से २४ फरवरी २०१३ को जारी १५००० रुपए का एफडीआर ३२८४०८९९७०६ जमा किया था। २२ जनवरी २०१४ को यह कार्य निरस्त हो गया, लेकिन एफडीआर राजसात नहीं हुआ।

4. जांजगीर उपखंड-५ में बीटी पेंच के लिए २९ मई २०१३ को २० लाख की लागत से ६९ डीएल टेंडर निकाला गया था। सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन ने इसके लिए एसबीआई जांजगीर से २७ अप्रैल २०१३ को जारी १५००० रुपए का एफडीआर ३२९६३७४१२४३ जमा किया था। २२ जनवरी २०१४ को यह कार्य निरस्त हो गया, लेकिन एफडीआर राजसात नहीं किया गया।

5. जांजगीर उपखंड-१ में बीटी पेंच के लिए २८ मई २०१३ को २० लाख की लागत से ५३ डीएल टेंडर निकाला गया था। सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन ने इसके लिए एसबीआई जांजगीर से २७ अप्रैल २०१३ को जारी १५००० रुपए का एफडीआर ३२९६३७४०५२३ जमा किया था। २२ जनवरी २०१४ को यह कार्य निरस्त हो गया, लेकिन एफडीआर राजसात नहीं किया गया।

6. पचरी झिरिया मार्ग में बीटी पेंच के लिए २८ मई २०१३ को १३.२८ लाख की लागत से ४० डीएल टेंडर निकाला गया था। सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन ने इसके लिए एसबीआई जांजगीर से २७ अप्रैल २०१३ को जारी १५००० रुपए का एफडीआर ३२९६३७४१९०२ जमा किया था। २२ जनवरी २०१४ को यह कार्य निरस्त हो गया, लेकिन एफडीआर राजसात नहीं किया गया।

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