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अनोखी शादी : चार सगी बहनों का गठबंधन एक ही मंडप में चार सगे भाइयों के साथ

Updated: IST Unique wedding: Four united Sisters together with
त्रेतायुग में राजा जनक की चार बेटियों की राजा दशरथ के चार बेटों के साथ हुई शादी तो सभी जानते हैं। लेकिन एेसी ही अनोखी शादी हाल ही छत्तीसगढ़ में भी हुई है।

जांजगीर-चांपा. त्रेतायुग में राजा जनक की चार बेटियों की राजा दशरथ के चार बेटों के साथ हुई शादी तो सभी जानते हैं। लेकिन एेसी ही अनोखी शादी हाल ही छत्तीसगढ़ में भी हुई है।

यह अनोखी शादी छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में हुई, जिसने लोगों को त्रेतायुग में राजा जनक की चार बेटियों की राजा दशरथ के चार बेटों के साथ हुई शादी की याद दिला दी। दरअसल ग्राम मल्दा के वर्तमान युग के जनक ननकी उर्फ धनाराम की चार बेटियों की शादी कटौद के चार सगे भाइयों के साथ सामाजिक व पारंपरिक रीति रिवाज के साथ हुई। इस तरह की यह अनोखी शादी थी। बारात को देखने के लिए घरों की छत तक में महिलाएं कड़ी धूप में खड़ी थीं।

नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम कटौद से मंगलवार की देर रात वहां के किसान लखेश राम कश्यप के घर से उनके चार बेटों मालिक राम कश्यप, सालिक राम कश्यप, हरप्रसाद कश्यप और हरिराम की बारात एक साथ निकली। दूल्हे तो चार अलग-अलग वाहनों में सवार थे, पर दुल्हन के लिए चारों भाइयों को जाना था, एक ही गांव जैजैपुर ब्लॉक के ग्राम मल्दा। इन चार सगे भाइयों की शादी मल्दा के ननकी की चार बेटियों सुनीता, दुर्गा, शारदा और राधा के साथ तय थी। बुधवार की सुबह बारात मल्दा पहुंची। दोपहर करीब 12 बजे परगहनी के लिए बारात निकली। चार गाडिय़ां एक लाइन में लगी थीं। अपने तरह की ऐसी पहली शादी थीए जिसमें चार सगी बहनें एक साथ चार सगे भाइयों की दुल्हन बनीं। इसलिए कड़ी धूप के बाद भी लोग बारात और दूल्हे को देखने के लिए सड़कों पर खड़े थे। बारात दरवाजे पर पहुंची तो महिलाएं पारंपरिक रूप से स्वागत के लिए उत्सुक थीं।

चार गाडिय़ों में शादी करने पहुंचे दूल्हे

कटौद के लखेश राम जिन्हें वर्तमान युग का दशरथ कहा जा सकता है, उनके चार बेटे हैं। उन्होंने बताया कि वे धार्मिक प्रवृत्ति के हैं तथा रामायण आदि पढ़ते-सुनते हैं। बहुत पहले जब वे अयोध्या गए थे, तब उनके मन में यह विचार आया था कि वे भी राजा दशरथ की तरह एक ही घर में अपने बेटों की शादी करेंगे। इस विचार की चर्चा उसने अपने रिश्तेदारों से भी करते हुए ऐसे ही एक ही घर या परिवार की विवाह योग्य लड़कियों की जानकारी रखने तथा बताने का आग्रह किया था। लखेश ने बताया कि उनके चारों बेटे मूलत: कृषक मजदूर हैं। कमाने के लिए दूसरे प्रांत भी जाते हैं। उन्हें अपने गांव के ही एक व्यक्ति से मल्दा में एक ही घर में चार लड़कियां होने की जानकारी मिली तो उन्होंने विवाह करने की इच्छा जताई और रिश्ता भी तय हो गया।

पहले जीवन साथी से की चर्चा फिर की शादी

ननकी राम कश्यप ने बताया कि उनकी छह बेटियां है, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। चार लड़कियों की शादी की चिंता थी। शादी करने की चर्चा वे अक्सर अपने परिचितों से करते थे। उन्होंने बताया कि अपनी बेटियों की शादी के लिए लड़का देखने की बात उसने कटौद में रहने वाले गांव के ही एक दामाद से की थी। उन्होंने ही इन चार लड़कों की जानकारी दी थी। ननकी के अनुसार रिश्ता आने पर उन्होंने पहले अपने चारों बेटियों से चर्चा की और यह भी कहा कि जब उन्हें रिश्ता पसंद होगा, तभी वे शादी करेंगे। उन्होंने बताया कि लड़कियों को भी इतनी स्वतंत्रता दी गई कि वह भी अपने जीवन साथी से चर्चा कर लें। बेटियों के द्वारा अंतिम निर्णय लेने के बाद ही उन्होंने शादी के लिए हां कही थी।

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