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अब तक नहीं ढूंढ सके डेयरी के लिए जगह

Updated: IST Yet could not find place for dairy
शहर से डेयरियों को बाहर करने का प्रयास पिछले कुछ वर्षों से हो रहा है। इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया जा रहा है

जांजगीर-चांपा. शहर से डेयरियों को बाहर करने का प्रयास पिछले कुछ वर्षों से हो रहा है। इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया जा रहा है,

लेकिन पालिका का समय सिर्फ जगह ढूंढने में ही गुजर रहा है। इधर वार्डों में गंदगी बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर तो सड़क पर ही गाय, भैंस बांधकर डेयरी चला रहे हैं। यही नहीं, गोबर नालियों में बहाया जा रहा है। इससे दुर्गंध फैल रही है और लोगों का जीना दूभर हो गया है।

डेयरी वाले वार्डों के लोग परेशान तो हैं ही, साथ ही इन वार्डों से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। दूध निकालने के बाद अनेक डेयरी मालिक गाय, भैंस को छोड़ देते हैं और जानवर सड़क पर ही विचरने लगते हैं। इससे वार्ड में अव्यवस्था फैल जाती है। स्कूली बच्चों पर खतरा मंडराता रहता है।

कुछ वार्डों के लोग बेहद परेशान हैं, जो डेयरियों को वार्ड से बाहर निकलने के इंतजार में बैठे हैं। शहरी क्षेत्र के २५ वार्डों में से आधे से ज्यादा वार्ड डेयरियों से बुरी तरह प्रभावित हैं। इन वार्डों में छोटे-बड़े दो दर्जन से अधिक डेयरी संचालित हैं। इनके व्यवस्थापन के लिए गोकुल नगर बसाए जाने का प्रावधान है, लेकिन यह कागजों तक सिमटकर रह गया है।

मच्छरों की गंभीर समस्या

प्रभावित वार्ड निवासी दुर्गा यादव, कौशिल्या साहू, वीएन पांडे, दीपक कुमार आदि ने कहा कि वार्डों की नालियां गोबर से जाम हैं। दिन जैसे-तैसे कट जाता है। रात को मच्छरों से बेहाल रहते हैं।

बिना क्वाईल जलाए नींद लेना मुश्किल है। बिजली बंद होने पर मच्छरों की संख्या और ज्यादा बढ़ जाती है। पिछले कई वर्षों से अखबार में पढ़ रहे हैं कि डेयरी शहर से बाहर जाएंगे, लेकिन अब तक मामला वहीं अटका है।

जनहित में बाहर जरूरी

शहर के राजेश देवांगन, अश्वनी साहू, देवेश ने कहा कि जनहित में डेयरियों को शहर से बाहर करना जरूरी है। कई वर्षों से डेयरी स्थानांतरित होना प्रस्तावित है, लेकिन व्यवधानों के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया है।

अनेक डेयरी संचालक स्वयं होकर शहर से बाहर प्रशासन द्वारा दिए जा रहे स्थान में जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। शहरवासियों का मानना है कि पालिका के साथ जिला प्रशासन पहल करे, तो जल्द व्यवस्था की जा सकती है।

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