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बीपीएल परिवारों से मीटर के नाम पर बिजली ठेकेदार कर रहे अवैध वसूली

Updated: IST electric meater
इन दिनो सीएसईबी(छत्तीस$गढ़ स्टेट इलेक्ट्रिक बोर्ड) की ओर से पूरे जिले में उन बीपीएल परिवारों के घर मीटर लगाया जा रहा है, जहां मीटर नहीं है।

जशपुरनगर. मीटर लगाने और शिफ्ट करने के नाम पर विद्युत विभाग के ठेकेदारों द्वारा अनियमितता करने का मामला जिले में लगातार सामने आता रहा है। दो साल पहले मीटर शिफ्टिंग मामले में लगभग 80 लाख रुपए का घोटाला सामने आने के बाद अब मीटर लगाने के नाम पर गोलमाल किया जा रहा है। इन दिनो सीएसईबी(छत्तीस$गढ़ स्टेट इलेक्ट्रिक बोर्ड) की ओर से पूरे जिले में उन बीपीएल परिवारों के घर मीटर लगाया जा रहा है, जहां मीटर नहीं है। इसके लिए सीएसईबी ने ठेकेदारों को प्रति मीटर के लिए 70 रुपए देने का अनुबंध करते हुए हितग्राहियों के घर मुफ्त में मीटर लगाने का प्रावधान किया है। जबकि जिले के बीपीएल परिवारों के घर लगाए जा रहे मुफ्त के मीटर को फिट करने का प्रति हितग्राही 100 से 200 रुपए अवैध वसूली की जा रही है।

जशपुर विद्युत मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक जशपुर, दुलदुला और मनोरा को मिलाकर इन क्षेत्रों में लगभग कुल 10 हजार बीपीएल परिवारों के घर मीटर पूरी तरह से नि:शुल्क लगाया जाना है। सीएसईबी के पंजीकृत दर्जनों ठेकेदारों को मीटर लगाने का ठेका नियमानुसार देते हुए 70 रुपए प्रति मीटर भुगतान किया जाना है। वहीं ठेकेदार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को निशाना बनाकर वसूली में जुटे हैं। वहीं इस मामले से सीएसईबी जशपुर के इंजीनियर जानकर भी अंजान बने हुए हैं। विभागीय सुस्ती का लाभ लेते हुए ठेकेदारों की मनमानी चरम पर है।

लाखों की वसूली का लक्ष्य

प्रति हितग्राही से 100 रुपए वसूलना एक नजर में भले ही छोटी रकम लगती हो। और सरकारी तंत्र के मुताबिक यह रकम लेनदेन के रिवाज के तौर पर देखा जा सकता है। लेकिन जब इस 100 रुपए को जिले के समस्त बीपीएल परिवारों से जोड़कर देखा जाए तो वसूली के रकम का आंकड़ा 30 से 40 लाख तक पहुंच सकता है। सिर्फ जशपुर विद्युत मंडल में लगभग 9 से 10 हजार बीपीएल परिवारों के घरों को मीटर लगाने के लिए चिन्हांकित किया गया है। वहीं पत्थलगांव और कुनकुरी के विद्युत मंडल के उन बीपीएल परिवारों की संख्या जिनके घरों में मीटर लगानी है, 30 से 40 हजार है। इस प्रकार संपूर्ण जिले में 100 रुपए के अनुसार अवैध वसूली का लक्ष्य 30 से 40 लाख तक होने की आशंका है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में विभागीय प्रचार-प्रसार की कमी की वजह से लोग जागरूक नहीं है।

कइयों से ठगी

विद्युत मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक बीपीएल परिवारों के घर मीटर लगाने का काम सितंबर महीने से शुरू किया गया है। अबतक लगभग 10 से 20 प्रतिशत हितग्राहियों के घरों में मीटर लगाया जा चुका है। इस प्रकार इतने हितग्राहियों से वसूली होने की बात कही जा रही है।

घाटा कम करने चिंता

प्रदेश में लाइन लॉस, बिजली चोरी, बीपीएल परिवारों को सब्सिडी युक्त बिजली, किसानों को पंप चलाने के लिए सब्सिडी आदि देने में प्रदेश सरकार को अरबों रुपए का सालाना नुकसान हो रहा है। इस नुकसान को कम करने के उद्देश्य से ही सीएसईबी की ओर से बीपीएल परिवारों के घर मीटर लगाने की योजना बनाई गई है। दरअसल एक बीपीएल हितग्राही को 40 यूनिट तक की बिजली मुफ्त में दी गई है। और 120 वॉट का इस्तेमाल करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें टीवी, फ्रिज, टुल्लू और फैन आदि प्रतिबंधित है। ऐसे में कई परिवारों के घर मीटर न होने से अधिक बिजली का उपयोग कर नुकसान को और इजाफा किया जा रहा है। 40 यूनिट से अधिक खपत होने पर उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क घरेलू दर पर देना पड़ेगा।

पूछने पर हुआ खुलासा

सीएसईबी की ओर से शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में रहने वाले बीपीएल परिवारों के घर मीटर लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में बिजली ठेकेदार निरल टोपनो के द्वारा जशपुर विद्युत मंडल के शहरी क्षेत्र में मीटर लगाया जा रहा है। ठेकेदार ने मीटर लगाने के लिए करबला रोड स्थित दर्जी मोहल्ला में अपने मजदूरों को भेजा। मजदूर ने हितग्राहियों से 100 रुपए बतौर फिटिंग शुल्क लिया। जब वे हितग्राही कासिम अंसारी के घर मीटर लगाने पहुंचे तभी उनसे शुल्क के संबंध में पूछे जाने पर पहले पैसा लेने की बात कबूली और जब उन्हें सीएसईबी की ओर से 70 रुपए देने की बात बताए जाने पर मजदूरी चार्ज लेने की बात कही। पूछताछ करने पर उन्होंने कासिम अंसारी से पैसे तो नहीं पर दर्जी मोहल्ला में दूसरे हितग्राहियों से मीटर लगाने का पैसा जरूर ले लिया।

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