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नदी पर पुल नहीं बना तो 28 सितंबर से तीन हजार ग्रामीण करेंगे जलसत्याग्रह

Updated: IST jal satyagrah
डोड़की नदी में पुल नहीं बनने से प्रभावित हो रहे वार्डवासियों ने इसकी सूचना बगीचा एसडीएम को दी है

जशपुरनगर/बगीचा. बगीचा विकासखंड के रिहायसी इलाके से होकर गुजरने वाली डोड़की नदी में पुल नहीं बनने से आक्रोशित वार्डवासियों ने जल सत्याग्रह करने की ठान ली है। 28 सितंबर बुधवार को बगीचा के वार्ड क्रमांक-3,4 और 5 में रहने वाले लगभग 3000 वार्डवासी डोड़की नदी में उतरकर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह करेंगे। डोड़की नदी में पुल नहीं बनने से प्रभावित हो रहे वार्डवासियों ने इसकी सूचना बगीचा एसडीएम को दी है। बुधवार को वार्डवासियों ने बगीचा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में पत्र के माध्यम से सूचना दी। प्रभावितों का कहना कि शासन से लगातार महज एक पुलिया की विगत 10 साल से भी अधिक समय से मांग की जा रही है, इसके बाद भी पुलिया का निर्माण नहीं किया जा सका। शासन-प्रशासन की ओर से वार्डवासियों को सिर्फ आश्वासन देकर ही संतुष्ट किया जाता रहा है।

बरसात के दौरान यह नदी उफान में रहती है जिससे लोगों का आवागमन का मार्ग बाधित हो जाता है। व्यापारी, मरीज और विद्यार्थी सभी को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अधिक बारिश होते ही बारिश का पानी पहाड़ी से उतरने से डोड़की नदी का जलस्तर तेजी बढ़ता है और आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने और नदी पार कर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बरसात के दिनों में अधिक परेशानी हो रही है। इन्हीं परेशानियों से तंग आकर 3000 लोगों ने सत्याग्रह में उतरने का मन बनाया है।

बाढ़ का रहता है खतरा

रिहायसी वार्ड के बीच से होकर गुजरने वाली डोड़की नदी में लोगों के लिए हमेशा ही खतरा मंडराता रहता है। अधिक पहाड़ी पानी का नदी में उतर जाने से नदी उफान में रहती है। उफनती नदी के बाढ़ का पानी घरों में घुंसकर लोगों को नुकसान भी पहुंचा चुका है। पुल नहीं होने से हजारों वार्डवासी लंबे समय से प्रभावित हैं। बाढ़ उतरने के बाद उन्हें स्थल छोड़कर जाने में भी देरी हो जाती है, जिससे हादसे बढ़ते हैं।

आश्वासन के सिवा कुछ नहीं हो सका

प्रभावित व आक्रोशित वार्डवासियों का कहना है, शासन के मंत्रियों और अफसरों से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। दर्जनों बार गुहार करने के बाद हमेशा उन्हें आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसलिए शासन-प्रशासन के खिलाफ अब वार्डवासी और नगरवासी जल सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा।

नदी को लेकर बगीचा क्षेत्र है सुर्खियों में

उफनती नदी में हादसे को लेकर बगीचा विकासखंड पहले सही सुर्खियों आ चुका है। मैनी नदी में रपटा पुल होने की वजह से हाल ही में 6 लोगों की जान चली गई। बड़ी पुलिया के अभाव में छोटी पुलिया बनाई गई, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने नदियों के किनारे खतरनाक पुलिया के पास से लोगों को सुरक्षित पार करने के लिए अपने जवानों को तैनात किया है। मैनी नदी की तरह ही डोड़की नदी की हालत बरसात के दिनों में बिगड़ती जा रही है, इससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।

अनिश्चितकालीन आंदोलन

वार्ड क्रमांक-3,4 और 5 के लोगों ने कहा, जल सत्याग्रह आंदोलन की रूप रेखा अनिश्चतकालीन के रूप में तय की गई है। 28 सितंबर को बड़ी संख्या में प्रभावित वार्डवासी डोड़की नदी में कमर तक डूबे रहेंगे। उनकी मांगों पर जल्द से जल्द अमल नहीं किए जाने की स्थिति में आंदोलन को लगातार जारी रखने का मन बनाया गया है।

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