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चिटफंड कंपनी ने दिया झांसा, की गई शिकायत

Updated: IST Chitfund company gave false complaint, complaint
हजारो रुपए लेकर थमा दिए साड़ी और पैंट पीस, शिकायत के बाद कोतवाली में मचा हंगामा

फोटो नं. 14

जशपुरनगर. चिटफंड कंपनी के झांसे में फंसी महिलाएं ठगी का अहसास होने के बाद खुद का पैसा दिलाने की गुहार लेकर थाने पहुंची। नेटवर्किंग कंपनी पर ठगी का आरोप लगाते हुए अपने रुपए वापस दिलाने की मांग करते हुए जशपुर सहित आसपास के क्षेत्र से भारी संख्या में लोग सोमवार को कोतवाली में जुट गए।

सोमवार को जशपुर सिटी कोतवाली में जुटे शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि 8 हजार रुपए से लेकर 30 हजार तक जमा करने के बाद कंपनी उन्हें एक साड़ी और पैंट पीस थमा कर चलता कर दिया। जबकि सदस्यता देने के दौरान कंपनी के एजेंट ने उन्हें 3 से 4 हजार रुपए मासिक आय के साथ उपहार में वाहन व मकान देने का सपना दिखाया था। शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने इस कंपनी से जुड़े दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें से एक युवक झारखण्ड के लोहरदगा का निवासी है। वहीं दूसरा युवक हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले का रहने वाला है। इन युवकों का दावा है कि कंपनी ने अपने कारोबार के लिए एक साल पहले जिला प्रशासन से अनुमति ली थी। कंपनी से संबंधित दस्तावेजों के छानबीन में कोतवाली पुलिस जुटी हुई है। कोतवाली प्रभारी एसएन तिवारी का कहना है कि अभी शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के बाद अपराध दर्ज करने के संबंध में निर्णय किया जाएगा।

सेप सिक्योर नामक भी है कंपनी : जानकारी के मुताबिक जिले में पिछले तकरीबन 3 साल से सेप सिक्योर लाईफ नामक एक नेटवर्किंग कंपनी से जुड़े कुछ लोग लोगों के घर-घर घुम कर उन्हें कंपनी से जोडऩे का काम कर रहे थे। शिकायतकर्ता महेन्द्र राम, पुलवंती कुजूर और सत्यनारायण सहित अन्य लोगों ने बताया कि कंपनी में जोडऩे के दौरान उन्हें एक आईडी के लिए 8 हजार रुपए और तीन आईडी के लिए 26 हजार रुपए की रकम वसूले गए। इस रकम के एवज में कंपनी के एजेंटों ने उन्हें एक साड़ी और पैंट पीस के साथ महिना 3 से 4 हजार रूपये की निश्चित आय होने का सपना दिखया गया. शिकायत लेकर कोतवाली पहुंची शहर के मधुबन टोली निवासी महेन्द्र राम ने बताया कि उन्होने मार्च 2016 में 9 हजार 700 रुपए देकर सदस्यता हासिल की थी। बदले में उन्हें एक कीट कंपनी द्वारा दिया गया था, जिसमें एक साड़ी और एक पैंट पीस था। इसके अलावा आज तक उन्हें एक रुपए की आय नहीं हुई है। बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे लोगों ने कम समय में अधिक आय के झांसे में आकर नेट वर्किंग बिजनेस से जुडऩे के लिए अपनी जमीन और मवेशी तक गिरवी रख दिए।

कुछ सपोर्ट में भी आए : सक्रिय लोगों को पूछताछ के लिए कोतवाली लाए जाने की सूचना पर कंपनी के समर्थन में भी लोग बड़ी तादाद में कोतवाली पहुंच गए। समर्थकों का कहना था कि सदस्यता ग्रहण करने के दौरान ही कंपनी उन्हें नियम व शर्तो के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। कुछ महिलाओं का दावा था कि उन्हें इस कंपनी के माध्यम से लगातार लाभ मिल रहा है। पूछताछ के लिए थाना में बैठाए गए झारखण्ड के लोहरदगा निवासी सद्दाम अंसारी और हिमाचल प्रदेश के शिमला निवासी रवि कुमार का कहना था कि सेप शॉप चिट पंड कंपनी नहीं है। अपितु यह नेटवर्किंग आधारित कंपनी है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है। इनका दावा था कि कंपनी का संचालन पूरी तरह से नियम के तहत किया जा रहा है। सद्दाम अंसारी ने मीडिया के पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बताया कि जिले में कारोबार करने के लिए तकरीबन 1 साल पहले उन्होने जिला प्रशासन से अनुमति भी ली है। बहरहाल सोमवार को इस कंपनी के पक्ष और विपक्ष को लेकर कोतवाली में गहमागहमी का माहौल रहा। कई बार दोनों पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।

जांच की जा रही है : शिकायत की जांच की जा रही है। गलती पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

एसएन तिवारी, कोतवाली प्रभारी जशपुर

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