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सफाई कर्मियों को तीन माह से नहीं मिल पाया वेतन, अब काट रहे हैं नपा के चक्कर

Updated: IST Cleaning workers did not get the salary for three
बच्चों की शिक्षा में खर्च करने के लिए भी नहीं हैं पैसेेे, सीएमओ से मिल रहा सिर्फ आश्वासन

जशपुरनगर. स्वच्छता अभियान के आधार स्तंभ के तौर पर कार्यरत नगर पालिका के सफाईकर्मियों और कर्मचारियों को तीन महीने का वेतन नहीं मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति बन आई है। ठेकेदारी प्रथा में कार्य कर रहे सफाईकर्मियों के ठेकेदार को उनकी मेहनत औैर जरूरत का भी अहसास नहीं हो रहा है। इसके साथ ही नगर पालिका की ओर से भी भुगतान के लिए सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। सुबह से उठकर शाम तक शहर की गंदगी उठाकर बाहर फेंककर प्रधान मंत्री के सपनो को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे सफाईकर्मियों के बच्चों के सपने अधूरे रह जा रहे हैं। मजदूरी और वेतन नहीं मिलने से सफाईकर्मी और कर्मचारी अपने बच्चों को न ही बेहर शिक्षा दे पा रहे हैं और न ही उन्हें स्वास्थ्य सुविधा दे पा रहे हैं।

आर्थिक संकट से जूझ रहे सफाईकर्मी और कर्मचारी सोमवार को अपनी ड्यूटी पूरी कर एकजुट होकर सामूहिक रूप से नवपदस्थ सीएमओ जितेंद्र कुश्वाहा के पास पहुंचे और मेहनताना दिए जाने की गुहार लगाई। सफाईकर्मियों ने शुक्रवार को भी सीएमओ कुश्वाहा से भुगतान के संबंध में मुलाकात की थी, उस दौरान सीएमओ की ओर से चेक में दस्तखत हो जाने की आश्वासन दिया गया था। जबकि शनिवार और सोमवार को बैंक का कार्य दिवस होने के बाद भी उनके खाते में राशि नहीं आई। समय से पैसा नहीं मिलने से शहर का कचरा साफ कर पीएम के सपनो को पूरा करने में जुटे सफाईकर्मी अपने बच्चों के सपनो को पूरा करने में असमर्थ हैं।

नलजल और ड्राईवर वर्ग भी वंचित : शहरों की गंदगी को साफ करने वाले सफाईर्मियों के साथ ही सफाई के लिए नगर पालिका की ओर से चलने वाले वाहनो के ड्राइवरों को भी वेतन नहीं दिया गया है। कर्मचारी, अधिकारी सभी वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं।

कॉपी खरीदने के भी पैसे नहीं : सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले सफाईकर्मियों के बच्चों को सरकार की ओर से मुफ्त में गुणवत्ताहीन गणवेश और किताबें दी जाती है। उन्हें कॉपी, पेन, बैग, रैनकोट और चप्पल आदि बाजार से ही लेना पड़ता है। बढ़ती महंगाई की वजह से इन चीजों की कीमत भी अब पहले से अधिक चुकानी पड़ती है। ऐसे में सफाईकर्मियों और वेतन वंचित कर्मचारी अपने बच्चों को कॉपी और अन्य वस्तुएं नहीं दिला पा रहे हैं। दूसरों बच्चों के पालकों को पाठ्य सामग्री की खरीदी करते हुए देखने वाले वंचित कर्मी अपने बच्चों के लिए खरीदने के लिए नगर पालिका के रहमो करम का इंतजार कर रहे हैं।

देर होने से आंदोलन की तैयारी : बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य में पैसा खर्च करने के दौरान आर्थिक संकट से गुजर रहे सफाईकर्मी और कर्मचारी भुगतान होने में अधिक विलंब होने पर आंदोलन करने की तैयारी में जुटे हैं। राशि का भुगतान नहीं होने से परेशान सफाईकर्मियों ने कहा कि सुबह से नगर पालिका के वार्डों की सफाई के बाद बस स्टैण्ड में झाडू लगाकर हम अपने बच्चों की परवरिश बड़ी मुश्किल से करते हैं। और महीना पूरा होने पर हमें मेहनताना मिलने का इंतजार हमारे साथ हमारे बच्चों और परिवार को होता है। लेकिन ठेकेदार द्वार और नगर पालिका द्वारा नियमित रूप से भुगतान नहीं किए जाने से उनमें निराशा का भाव है।

चेकबुक खत्म हो गया है : चेक बुक खत्म हो जाने से सोमवार को पैसा नहीं मिला। मंगलवार को मिल जाएगा।

जितेंद्र कुशवाहा, सीएम नगर पालिका जशपुर

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