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जनदर्शन में शासन से बिजली, केरोसीन और शिक्षक मांगने पहुंचे गांवों के लोग

Updated: IST People from villages who came to demand electricit
अंधेरा से बचने बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने और मिट्टी तेल आवंटन की मांग लेकर पहुंचे थे लोग, अलग-अलग मांग लेकर जनदर्शन में उमड़े फरियादी

जशपुरनगर. बिजली, पानी सड़क और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामवासियों ने बरसात शुरू होते ही उक्त सुविधाओं की मांग अपने क्षेत्र के लिए की है। मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अपनी मांग लेकर कलक्टर जनदर्शन में पहुंचे। जिले के अगल-अलग ग्राम पंचायतों से अपनी मांग लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा आदि की असुविधा को दूर करने की मांग की है।

दरअसल बारिश के शुरू होते ही बिजली की आख मिचौली शुरू हो चुकी है। कभी-कभी रात भर बिजली गुल होने की समस्या भी शुरू हो चुकी है। इन समस्याओं से जूझ रहे जिले के अलग-अलग विकासखंड के ग्रामीणों ने जनदर्शन में एक उम्मीद से गुहार लगाई है। मनोरा विकासखंड के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष शिवनारायण भगत ने गुहार लगाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में केरोसीन(मिट्टी तेल) तेल का वितरण लगभग बंद हो गया है। ऐसे में लोगों को रोजाना अंधेरे में गुजारा करना पड़ रहा है। आवेदक ने जनदर्शन में दिए आवेदन में कहा कि मनोरा विकासखंड के कई गावों में बिजली की उपलब्धता नहीं होने से बरसात के दिनों में बिजली गुह हो जाने से अंधेरे की स्थिति निर्मित हो जाती है। और इस अंधेरे में सांप, बिच्छू और अन्य वन्य जीवों का खतरा बना हुआ है।

बिजली की कमी के साथ ही बगैर बिजली आपूर्ति के बिल भेजने की शिकायत भी जनदर्शन में की गई है। ग्रामीण इलाकों में बारिश के दिनों में बिजली के साथ ही शिक्षकों की कमी, राशन की कमी की समस्या बनीं रहता है। ग्रामीणों ने बिजली के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की कमी से फैली अव्यवस्था का निराकरण करने की मांग कर रहे हैं।

शिक्षक के लिए गुहार : शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अतिशेष स्थानों से हटाए गए गुरुजनों को वापस बुलाने की मुहिम शिक्षा सत्र के शुरू होते ही शुरू हो गई है। पूर्व से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में अध्यनरत् विद्यार्थियों के पालकों ने दुलदुला विकासखंड से जनदर्शन में आकर शिक्षक दिलाने की गुहार लगाई है।

मिट्टी तेल का वितरण ना के बराबर : बरसात का मौसम शुरू होते ही बिजली की समस्या अब आम हो गई है। इससे बचने के लिए कहीं ट्रांसफार्मर तो कहीं मिट्टी तेल की मांग की जा रही है। मनोरा विकासखंड से ग्रामीणों ने मिट्टी तेल की मांग की है। हालांकि उज्जवला योजना के तहत गैस किट वितरण किए की वजह से मिट्टी तेल का वितरण अब बहुत ही कम कर दिया गया है।

एक साल से बिजली की अव्यवस्था : मनोरा विकासखंड के साथ ही बगीचा विकासखंड के ग्राम मरोल के सरपंच बितुल राम ने बाया कि उक्त ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम सेमरडांड़ में 25 केव्ही और 10 केव्ही दोनों लाइनें खराब हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने यहां ट्रांफारर्मर बदलने की मांग को लेकर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि 25 केव्ही लाइन बीते दो महीने से और 10 केव्ही लाइन विगत 1 वर्ष से खराब पड़ा है। बिजली बिल चुकाने के बाद भी यह स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा ट्रांसफार्मर न होने की वजह से रेंगती मौत(सांप) का खतरा बना रहता है। सरपंच बितुल राम ने बताया कि सेमरडांड़ में हाल ही में दो से तीन बार रात के अंधेरे में सांप घुस आया था। इसके साथ ही जंगली हाथियों का खौफ भी बना हुआ है।

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