Patrika Hindi News

23 फीसदी बुआई, कामलिया कीट का प्रकोप

Updated: IST jhabua
खेत फसल के साथ-साथ खेत के मेड़ को साफ-सुथरा रखें। मुख्य फसल के किनारे पर गार्ड फसल के रूप में मंूगफली की एक कतार लगाएं

झाबुआ. जिले में खरीफ मौसम में लगभग 23 फीसदी बुआई कार्य पूर्ण होकर फसल लगभग 15 से 20 दिन की हो चुकी है। जिले में खरीफ मौसम की फसल सोयाबीन, मूंग, उड़द पर कामलीया कीट का प्रकोप देखा जा रहा है। कामलिया कीट के नियंत्रण के लिए किसान ध्यान दें।

कृषि विभाग ने कहा है कि जिले के अधिकांश कृषिगत रकबा हल्का, उल्थली व पथरीली जमीन का होकर अल्प वर्षा व वर्षा अंतराल अधिक होना इस कीट के प्रकोप के लिए अनुकूल जलवायु मानी जाती है। जो खेत वन क्षेत्र के सटा हुआ हो उन क्षेत्र में कामलिया कीट का प्रभाव अधिक देखा गया है। कीट की इल्ली अवस्था खरीफ फसलों को अधिक नुकसान पहुंचाती है। इल्लिया छोटी व भूरे रंग की होकर फसल की कोमल पत्तियों को खाती है। इस कीट की इल्लियां अपने पूरे जीवन काल में पांच से छ: बार केचूली उतार कर पूर्ण विकसित होकर फसलों को काफी नुकसान पहुंचाती हैं।

सावधानियां

खेत का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता। खेत में इल्ली का प्रकोप अधिक हो जाता है। तब नियंत्रण के लिए प्रयास करते है जो कि अनुचित है। खेत का नियमित निरीक्षण करें। खेत फसल के साथ-साथ खेत के मेड़ को साफ-सुथरा रखें। मुख्य फसल के किनारे पर गार्ड फसल के रूप में मंूगफली की एक कतार लगाएं। कीट नियंत्रण के लिए प्रारंभिक तौर पर नीम तेल का छिड़काव करें। खेत में कीट का प्रकोप बढऩे पर कीट नाशक दवाई क्यूनालफॉस/ क्लोरपाईरीफॉस /प्रोपेनोफॉस$सायफर मैथ्रिन दवाई का उचित घोल (जैसे 40 से 50 मि.ली. प्रति स्प्रे पंप) बनाकर छिड़काव करें। छिड़काव के लिए तैयार घोल में 10 से 15 ग्राम डिटरजेंट पाउडर मिला कर छिड़काव करें। दवाई का छिड़काव हवा के विपरीत दिशा में न करें। खेत फसल में दवाई का छिड़काव करते समय किसी प्रकार का धुम्रपान न करें और नाक, मुंह इत्यादि कपड़े से ढंक कर रखें।

फसलों का बीमा करवाकर जोखिम से बचें

मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए, प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से किसी भी अधिसूचित फसल के नष्ट होने की स्थति में किसानों को बीमा आवरण एवं वित्तीय समर्थन प्राप्त हो सके। इसके लिए कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि फसलों का 31 जुलाई के पूर्व बीमा करवाना सुनिष्चित करें। इससे फसलों में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई होकर जोखिम से बचा जा सके। जिले के सभी किसान भाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ खरीफ मौसम ले सकते हैं। यह योजना शासन द्वारा किसानों के हित में खेती किसानी उद्यम को समुचित आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। फसल बीमा योजना की भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि अब तक की सबसे कम दर किसानों की सुविधा के लिर्ए है। जो कृषक किसी भी कारण से फसल ऋण नहीं ले रहे हो वे कृषक अपनी फसल का बीमा राष्ट्रीयकृत/ सहकारी/ ग्रामीण बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं।

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???