Patrika Hindi News

कॉलेज छात्राओं को होस्टल से निकाला

Updated: IST jhabua
कलेक्टर के नाम प्रशासन के अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी

पेटलावद. जिनके लिए छात्रावास बना था उन्हीं बालिकाओं को शासन प्रशासन ने छात्रावास से निकाल दिया। छात्राओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है।

60 लाख रुपए की लागत से यूजीसी मद से महाविद्यालय में पढऩे वाली बालिकाओं के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया गया। जो लंबे अरसे तक चालू नहीं हुआ। ग्रामीण बालिकाओं ने संघर्ष कर छात्रावास पिछले सत्र में चालू करवाया। महाविद्यालय के पास छात्रावास संचालन के लिए फंड नहीं होने से आदिवासी विकास विभाग को छात्रावास का संचालन सौंपा। इसमें कॉलेज की छात्राओं के साथ कक्षा 10वीं से 12 वीं तक की छात्राएं भी रह रही थी। किंतु इस वर्ष महाविद्यालय की 11 छात्राओं को छात्रावास से निकाल दिया गया और उन्हें कहा गया कि आपको झाबुआ छात्रावास में सीट दी गई है। यहां आप नहीं रह सकते। छात्राओं का कहना है कि पेटलावद में पढ़ाई करें और रहने के लिए झाबुआ जाए यह कैसे संभव है।

ज्ञापन देते हुए छात्राओं ने मांग की है कि आदिवासी विकास विभाग यहां से अपना छात्रावास हटाए। इस भवन में केवल अब कॉलेज की छात्राएं ही रहेगी तथा सारा काम अपने हाथ से करेगी और भोजन भी स्वयं बनाएंगी। छात्राओं का कहना है कि यदि 4 दिन में प्रशासन कोई निर्णय नहीं लेता है तो कॉलेज बंद कर धरना आंदोलन किया जाएगा। क्योंकि शासन प्रशासन की नियत खराब हो चुकी है। महाविद्यालय के यूजीसी मद से बने छात्रावास पर कब्जा करना चाहते है जो कि हम नहीं होने देंगे।

ज्ञापन में उल्लेख किया है कि नया सत्र प्रारंभ हो रहा है। ग्रामीण बेत्रों से अन्य छात्राएं आ रही हैं उनके सामने भी परेशानी आ रही है। इसके लिए प्रशासन को छात्राओं के हित में निर्णय लेना चाहिए। इस मौके पर रेखा मेड़ा, रेश्मा डाबी, सुनिता झोडिय़ा, रेशम झोडिय़ा, दिव्या, दामिनी प्रियंका, सीमा, कृष्णा के साथ कॉलेज के सांसद प्रतिनिधि आशीष मुथा,कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मन्नालाल हामड़, छात्र नेता हरिओम भी उपस्थित थे।

कॉलेज के सांसद प्रतिनिधि आशीष मुथा का कहना है कि महाविद्यालय की छात्राएं महाविद्यालय के कन्या छात्रावास में ही रहेगी। किसी भी छात्रा को छात्रावास छोडऩे की जरूरत नहीं है। नवीन प्रवेश लेनी वाली छात्राओं को भी प्रवेश दिलाया जाएगा। शासन के इस मनमाने आदेश का विरोध किया जाएगा। यदि नहीं माने तो धरना प्रदर्शन और चक्काजाम भी किया जाएगा।

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???