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पानी रोकने के लिए नदी-नालों पर स्टापडैम बनाएं : कलेक्टर

Updated: IST jhabua
भविष्य में सभी शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राही को सामाजिक आर्थिक गणना 2011 के डाटा के आधार पर दिया जाना है, इसके लिए ग्राम संसद में सामाजिक आर्थिक गणना के डाटा का वाचन अवश्य करें

झाबुआ. कलेक्टर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जमीन में पानी की कमी हो जाने से जलस्तर काफी कम हो गया है। इससे हैंडपंपों में पानी नहीं आ पा रहा है। इस कारण सभी लोग परेशान हैं। जमीन में पानी का संचय हो, इसके लिए नदी नालों पर छोटे-छोटे स्टापडेम बनाएं। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर जनभागीदारी से काम करने के लिए ग्राम संसद में पारित कर काम प्रारंभ करें। ताकि भविष्य में गंभीर पेयजल समस्या से बचा जा सके।

कलेक्टर आशीष सक्सेना ने ग्राम संसद में कुपोषित बच्चों के माता-पिता को मनरेगा योजना के काम तत्काल प्रारंभ उपलब्ध करवाने के निर्देश रोजगार सहायक, सीईओ जनपद एवं एसडीएम को दिए। भविष्य में सभी शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राही को सामाजिक आर्थिक गणना 2011 के डाटा के आधार पर दिया जाना है। ग्राम संसद में सामाजिक आर्थिक गणना के डाटा का वाचन अवश्य करें। जिन ग्रामीणों के नाम गणना की सूची में छूटे हुए हंै। उनके नाम जोड़े जाएं। ग्राम संसद में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्राम सभा में ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव के लिए शान्तिधाम, खेल का मैदान, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन बने हुए नहीं हंै, तो प्रस्ताव को मंजूर कर कार्रवाई प्रारंभ करवाना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्राम में संपर्क के लिए पक्की सड़कों का निर्माण कार्य के लिए प्रस्ताव तैयार करवाएं। ग्रामीण क्षेत्र में 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन उपलब्ध होने पर सामाजिक वानिकी के तहत वृक्षारोपण की कार्य योजना को मूर्त रूप देकर 2 जुलाई को वृक्षारोपण के लिए कार्यवाही सुनिश्चित करें। तालाब किनारे भी वृक्षारोपण की कार्रवाई को मूर्त रूप दिया जाए।

आवास योजना सूची की समीक्षा करें

उन्होंने कहा कि ग्राम संसद में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का वाचन कर समीक्षा करें और पात्रों को शामिल कर अपात्रों को बाहर किए जाने की कार्रवाई करें। पेंशन योजना के पात्र हितग्राहियों को सूचीबद्ध कर पेंशन स्वीकृति की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सभी विधवा महिला एवं सभी वृद्धजनों के पेंशन के प्रकरण ग्राम संसद में स्वीकृत कर पेंशन दिलवाना सुनिश्चित करें। सभी ग्रामीणों के बैंक खातों को उनके मोबाइल नंबर एवं आधार नंबर से लिंक करने की कार्रवाई करें। पुराने तालाबों के गहरीकरण के लिए जनसहयोग से कार्रवाई करें। सब इंजीनियर तालाब में चूने से लाइन डालकर चिह्नित कर दें एवं ग्रामीणजन तालाब की उपजाऊ मिट्टी अपने स्वयं के संसाधनों का उपयोग कर खोदकर अपने खेतो में डालें। इस तरह तालाब का गहरीकरण भी हो जाएगा एवं किसानों को अपने खेत के लिए उपजाऊ मिट्टी भी नि:शुल्क मिल जाएगी। तालाबों के गहरीकरण से तालाब की जलधारण क्षमता भी बढ़ जाएगी। इससे जमीन में जलस्तर भी बढ़ेगा एवं ग्रामीणों को पानी की समस्या भी नहीं होगी।

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