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दिल्ली से जींद तक रेलवे लाईन का हुआ विद्युतीकरण

Updated: IST Electrification of railway line from Delhi to Jind
अप्रेल के पहले सप्ताह से चलेगी इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन वाली गाडिय़ां, सीआरएस ने पूरी टीम के साथ किया इस रूट का निरीक्षण

जींद। दिल्ली से जींद के बीच यात्रा करने वाले यात्री अप्रेल के पहले सप्ताह बिजली से चलने वाली ईएमयू व अन्य इलेक्ट्रिक इंजन वाली गाडिय़ों से यात्रा कर सकेंगे। रोहतक से जींद के बीच लगभग 70 किलोमीटर की इस लाइन का पूरी तरह से विद्युतीकरण हो गया है। शुक्रवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) शैलेश कुमार पाठक ने विशेष ट्रेन से अपनी रेलवे टीम के साथ इस लाईन का सुरक्षा मानकों के तहत निरीक्षण किया और रेलवे कर्मचारियों से जानकारी ली। उनके साथ दिल्ली से डीआरएम, एडीआरएम,चीफ प्रोडेक्ट मैनेजर समेत रेलवे के अनेक बड़े अधिकारी मौजूद थे।

शैलेश कुमार पाठक ने जींद रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि रोहतक से जींद रेलवे विद्युतीकरण ट्रेक सेफ्टी के सभी मानको पर खरा उतरता है, इसलिए इस लाईन को तत्काल प्रभाव से गाड़ी चलाने की अनुमति दे दी जाएगी। उन्होनें बताया कि वे कल अपने कार्यालय जाते ही इसे क्लीयरंस दे दंगे। रेलवे चाहे तो कल से ही इस ट्रेक पर ट्रेन चला सकती है। उन्होने कहा कि आमतौर पर जिस रूट का विद्युतीकरण किया जाता है उसमें कोई ना कोई खामी रह जाती है मगर इस रूट पर किसी भी प्रकार की कोई खामी नही मिली।

इस मौके पर उनके साथ मुआयने पर दिल्ली डिविजन के डीआरएम अरूण अरोड़ा ने बताया कि फिलहाल इस ट्रेक पर अलग से कोई रेल चलाने का योजना नही है जो गाडियां पहले से डीजल की चल रही है उन्हे ही इलैक्ट्रीक में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होने बताया कि दिल्ली से चलने वाली ईएमयू जो कि रोहतक तक चलती है उन्हे जींद तक किया जाएगा जिससे यात्रियों को लाभ होगा और रेलवे को भी फायदा होगा। उन्होने कहा कि इसी माह के अंत या अप्रेल माह के पहले सप्ताह में हर हालत में इलेक्ट्रिक इंजन वाली गाडिय़ा शुरू कर दी जाएगी।

5 गुना तक बढ़ाया ट्रैक विद्युतीकरण का लक्ष्य-

डीआरएम अरूण अरोड़ा ने बताया कि टै्रक के विद्युतीकरण से जहां ट्रेनों का परिचालन डीजल की तुलना में सस्ता पड़ता है, वहीं पर्यावरण के लिहाज से भी यह बेहतर माध्यम है। इसको ध्यान में रखते हुए पिछले दो वर्षो में रेलवे के ट्रैक विद्युतीकरण के लक्ष्य को 5 गुना तक बढ़ा दिया गया है। उन्होने बताया कि अगले साल के अंत तक दिल्ली से बठिंडा तक की लाइन के विद्युतीकरण का लक्ष्य है। जींद तक ट्रैक का विद्युतीकरण हो जाने से दिल्ली से कुछ और रेलगाडिय़ां चलाई जाएंगी। जो रेलगाडिय़ां अब तक इस रूट पर डीजल से चलाई जाती थीं, उन्हें जींद तक इलेक्ट्रिक इंजन के जरिए चलाया जा सकता है। जींद में इंजन बदल कर गाड़ी में डीजल इंजन लगाया जा सकता है। डीजल की तुलना में विद्युत इंजन अधिक तेजी से गति पकड़ते हैं और जल्द रोके जा सकते हैं।

हजारों यात्री रोज करते हैं सफर -

जींद, रोहतक व आसपास के इलाकों से रोज लगभग 40 से 45 हजार लोग रोजगार व अन्य कामों के चलते दिल्ली या एनसीआर के विभिन्न हिस्सों तक यात्रा करते हैं। ज्यादातर यात्री ट्रेनों के जरिए दिल्ली पहुंचते हैं और अपना काम कर वापिस आते है। इस लाइन का विद्युतीकरण होने से ना केवल हर रोज जाने वाले दैनिक यात्रियों को फायदा होगा बल्कि और जगहों पर जाने वाले हजारों यात्रियों के समय की बचत होगी। इसके अलावा इस रूट पर और भी रेलगाडियां की तादात बढऩे की संभावना है। प्राथमिक तौर पर दिल्ली से रोहतक के बीच चलने वाली ईएमयू रेलगाडिय़ों को जींद तक बढ़ाया जा सकता है।

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