Patrika Hindi News

> > > > Haryana: Tubewell supply hot water

कुदरत का करिश्मा: ट्यूबवेल से निकलता है खौलता हुआ पानी

Updated: IST hot water from tubewell
गांव में दो साल पहले पीने के पानी की गम्भीर समस्या को देखते हुए जलापूर्ति विभाग व पंचायत ने गांव में टयूबवैल लगवाया

जींद। इसे कुदरत का करिश्मा कहे या प्राकृतिक की देन। जींद जिले के गांव मोरखी में पिछले दो साल से जमीन के नीचे से उबलता हुआ गर्म पानी निकल रहा है। इस टयूबवैल से इतना गर्म पानी निकलता है कि इस सर्दी के मौसम में लोगो को पानी गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती, और गर्मी में तो रात भर रखने के बाद उसे सुबह अपने प्रयोग में लाया जाता है। जलापूर्ति विभाग व पंचायत द्वारा पेयजल सप्लाई के लिए लगवाए गए इस टयूबवैल से गर्मीयों में शाम को व सर्दीयों मे अलसुबह पानी की सप्लाई दी जाती है ताकि लोग उसे कुछ समय बाद अपने काम में प्रयोग कर सके। गांव के लोग पिछले दो साल से इस पानी को पी रहे है किसी को भी इससे कोई तकलीफ नहीं हुई।

गांव के विजेन्द्र मराठा, सुनील,पूर्व सरपंच संदीप ने बताया कि गांव में दो साल पहले पीने के पानी की गम्भीर समस्या को देखते हुए जलापूर्ति विभाग व पंचायत ने गांव में टयूबवैल लगवाया था। जब इस टयूबवैल का लगाया जा रहा था तो उस समय कम गहारई में पानी नही मिला और 1400 फीट तक पहुंचने के बाद सही पानी मिला। जब यह पानी निकाला गया तो यह बहुत गर्म था। इसी कारण पंचायत व विभाग ने इस पानी की गुडगांव की लैब से जांच करवाई जो कि सही पाई। इस जांच में पानी को पीने योग्य करार दिया, जिसके बाद यह टयूबवैल चालू कर दिया गया। जब से लेकर अब तक इस टयूबवैल से उबलता हुआ गर्म पानी आ रहा है।

उन्होने बताया कि उस समय इस टयूबवैल पर करीब 15 लाख रुपए खर्च आया थाऔर इसके बाद अधिकतर गांव के पेयजल समस्या का समाधान हो गया। सप्लाई में जो पानी आता है वह गर्म है। इसी कारण उसे पहले कुछ देर के लिए रखना पड़ता है और उसके बाद ही वह पीया जाता है। सर्दी में नहाने के लिए गर्म करने की नौबत ही नहीं आती।

विजेन्द्र मराठा व सुनील ने बताया कि गर्म पानी आने से कोई दिक्कत नहीं है। विभाग द्वारा गर्मीयों में शाम को पानी की सप्लाई दी जाती है ताकि सुबह तक ठंडा होने पर लोग इसे अपने काम में उपयोग कर सके। इसी तरह सर्दीयों मे इसकी सप्लाई अलसुबह दी जाती है ताकि लोग कुछ समय बाद गर्म पानी को अपने उपयोग में ला सके। इन्होने बताया कि गर्मी में तो तो इस पानी में को पीने के लिए ठंडा करना पड़ता है और सर्दीयों में इसे गर्म करने की जरूरत नही है।

पीने योग्य पानी

पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन भानू प्रताप शर्मा ने बताया कि करीब दो साल पहले पेयजल समस्या के समाधान के लिए जलापूर्ति विभाग ने मोरखी गांव में यह टयूबवैल लगाया था। कम गहराई पर पीने योग्य पानी न मिलने के कारण इसे ज्यादा गहराई पर लगाया गया। टयूबवैल से गर्म पानी निकलता है और इस पानी में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। पूरा गांव इस पानी को पीता है।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???