Patrika Hindi News

छत्तीसगढ़ का खजुराहो है यह 11वीं शताब्दी का भोरमदेव मंदिर, खुबसूरती पर लगा ग्रहण

Updated: IST bhoramdeo temple
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम ज़िले का नाम विदेशों तक ख्याति प्राप्त कर चुका है। इसका एक मुख्य कारण 11वीं शताब्दी का भोरमदेव मंदिर है, लेकिन अब यहां की खुबसूरती पर ग्रहण लगने लगा है।

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के खजुराहो भोरमदेव मंदिर में पॉलीथीन के उपयोग पर कुछ वर्ष पूर्व प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इसका असर अब दिखाई नहीं देता। मतलब स्थिति सुधारने में प्रशासन व प्रबंध समिति नाकाम रही।

Read More: एेतिहासिक धरोहरों से घिरा है यह शहर, जानिए दिलचस्प तथ्यों के बारे में

कबीरधाम का नाम विदेशों तक ख्याति प्राप्त कर चुका है। इसका एक मुख्य कारण 11वीं शताब्दी का भोरमदेव मंदिर है, लेकिन अब यहां की खुबसूरती पर ग्रहण लगने लगा है। मंदिर परिसर में पॉलीथीन के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा है। कुछ वर्ष पूर्व यह नियम पारित किया गया था, लेकिन यहां पालीथीन का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।

Read More: अद्भुत है छत्तीसगढ़ की काशी नगरी, साक्षात विराजते हैं बाबा विश्वनाथ

आदेश को सख्ती के साथ लागू करने की आवश्यकता है, लेकिन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिसर के साफ-सफाई की ओर न तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही भोरमदेव प्रबंध समिति। यहां आने वाले लोग भी गंदगी को जहां का तहां छोड़ कर चले जाते हंै। सावन माह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भोरमदेव मंदिर पहुंच रहे हैं। भीड़ के अनुसार यहां की व्यवस्था उचित नहीं है। मंदिर समिति द्वारा भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।

Read More: धन्य हैं उज्जैनवासी, जहां दर्शन देने स्वयं निकलते हैं महाकालेश्वर, दी जाती है तोपों से सलामी

पॉलीथिन में बेच रहे सामग्री

सफाई व्यवस्था को लेकर उचित प्रबंधन भोरमदेव मंदिर में दिखाई नहीं देता। मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में दुकानें है, जहां से ही पॉलीथिन में ही नारियल, फूल, पत्ती, अगरबत्ती बेचा जाता है। इस पर रोक के लिए प्रशासन और प्रबंधन द्वारा कोई पहल नहीं की। इसके चलते ही आज भी पॉलीथिन का कचरा मंदिर परिसर में दिखाई देता है। इसके साथ ही यहां पहुंचने वाले श्रद्धालाओं को भी इस बात से अवगत कराना होगा, ताकि वह इसका पालन करें।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मॅट्रिमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???