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मुठभेड़ में मारा गया संतु था सामान्य नक्सली, पुलिस ने बताया एरिया कमांडर

Updated: IST Bastar Naxal
उत्तर बस्तर डिविजनल कमेटी के पर्चे में कहा गया है कि इसे कमांडर बताकर पुलिस सिर्फ वाहवाही लुट रही है। ऐसा लगता है कि नक्सलियों का यह पर्चा अपनी कम हो रही साख को बचाने के लिए फेंका गया है

उपेन्द्र नाथ [email protected] पांच अक्टूबर को कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अलपरस के जंगल में मारा गया संतु कोरचा कंपनी पांच का कमांडर नहीं, प्लाटून पार्टी का एक सामान्य वर्दीधारी था, जो एक टीम के साथ रोजमर्रा कार्यों के तहत अलपरस की ओर जा रहा था और उसे एंबुस में फंसाकर मार दिया गया। ऐसा नक्सलियों ने एक पर्चे के माध्यम से दावा किया है। उत्तर बस्तर डिविजनल कमेटी के पर्चे में कहा गया है कि इसे कमांडर बताकर पुलिस सिर्फ वाहवाही लुट रही है। ऐसा लगता है कि नक्सलियों का यह पर्चा अपनी कम हो रही साख को बचाने के लिए फेंका गया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस की सूची में भी संतु कंपनी पांच का कमांडर नहीं है।

पर्चें में नक्सलियों ने लिखा है कि कोरचा बीजापुर जिले के ग्राम पदेड़ा का रहने वाला था। इस पर्चे के माध्यम से लोगों की सहानुभूति भी बटोरने की कोशिश की है और पुलिस का सहयोग न करने का आह्वान किया है। नक्सलियों ने लिखा है कि पुलिस द्वारा मारे गए संतु का बदला लिया जाएगा। नक्सलियों ने पर्चे के माध्यम से पुलिस के खिलाफ लोगों का भड़काने का प्रयास किया है।

यह बता दें कि नारायणपुर पुलिस टीम ने पांच अक्टूबर को गुमचुर और अलपरस के मध्य जंगल में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक नक्सली को मार गिराया था। इस दौरान मारे गए नक्सली की दूसरे दिन कंपनी पांच के कमांडर संतु के रूप में हुई थी, जिस पर राज्य सरकार के योजनाओं के अनुसार आठ लाख रुपए का ईनाम था। इस मुठभेड़ में एक इंसास राइफल के साथ ही तीन मैगजीन, 46 नग कारतुस भी बरामद हुआ था।

पुलिस ने बताया था भैरमगढ़ का, नक्सलियोंं ने बताया बीजापुर के पदेड़ा निवासी
पुलिस ने मारे गए नक्सली संतु को बीजापुर जिले के भैरमगढ़ का रहने वाला बताया था, जबकि नक्सलियों ने इसे बीजापुर जिले के पदेड़ा का रहने वाला बताया। इन दोनों गांवों के बीच काफी दूरी है। भैरमगढ़ नेशनल हाइवे पर है, वहीं पदेड़ा दंगालुर रोड पर स्थित है। पदेड़ा गांव भी घोर नक्सली क्षेत्र में स्थित है, जहां के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियां हमेशा देखने को मिलती है।

कहीं दीपक तो नहीं है कंपनी पांच का कमांडर
नक्सलियों के मिले पर्चे से संदेह बढ़ गया है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि संतु कमांडर नहीं था या उसे पदच्युत कर दिया गया हो। इस संबंध में सूत्रों के अनुसार दीपक के जिम्मा कंपनी पांच की कमान है और वह कमलेश का सबसे नजदीकी है। वही कमांडर के तौर पर कंपनी पांच में काम करता है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की सूची में भी दीपक ही कंपनी पांच का कमांडर बताया गया है।

लोगों के आक्रोश शांत करने की कोशिश
उधर नक्सलियों ने हुर्रा पिजोड़ी में मारे गए तीन आदिवासियों के संबंध में फूटे आक्रोश को भी शांत करने की कोशिश की है और एक पर्चे के माध्यम से कहा है कि वे लोग पुलिस को सूचना दे रहे थे और हमेशा नक्सली गतिविधियों के बारे में वहां बता रहे थे, जिसके कारण उन्हें मारा गया।

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