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साहब! बुढ़ापे का सहारा है सरकारी मदद, लेकिन हो रहा ये धोखा

Updated: IST kanker news
बुढ़ापे का सहारा चंद मिलने वाली सरकारी मदद ही है लेकिन वह भी नहीं मिलता, जिससे गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। यह सिर्फ वृद्धजनों के साथ ही नहीं द्विव्यांग और विधवाओं के साथ भी है

कांकेर. बुढ़ापे का सहारा चंद मिलने वाली सरकारी मदद ही है लेकिन वह भी नहीं मिलता, जिससे गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। यह सिर्फ वृद्धजनों के साथ ही नहीं द्विव्यांग और विधवाओं के साथ भी है। कलक्टोरेट में अपनी व्यथा सुनाने पहुंचे इन लोगों का दर्द सुनकर दूसरे भी भावुक दिखे।

वृद्धा, दिव्यांग, विधवा पेंशन सहित अन्य पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत लेकर मंंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे थे। पंखाजुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवपुर व रामनगर के ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत के उदासीनता के चलते पात्र लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

पीव्ही एक रामनगर निवासी सुकु अधिकारी पिता अश्विनी ने दिव्यांग पेंशन दिलवाने की माग किया है। पीव्ही दो देवपुर निवासी सर्वेश्वर हाजरा पिता हरिवर हाजरा, बादल दास ने वृद्ध पेंशन की मांग करते हुए कहा है कि उसके पास गरीबी रेखा का कार्ड है, दो वर्षो से पोष्ट आफिस में खाता खुलवाया है लेकिन आज तक उसे पेंशन नही मिला। इसी तरह उसी गांव के श्यामती पति सुबल दास, सुमित्रा दास पति दुरबाई ने विधवा पेंशन की लाभ दिलवाने की मांग किया है। मवीन्द्र , छायारानी साह, डालिमा , राधा हाजरा, विष्णु पदवर, शुकु अधिकारी, तरापद, बिमल राय, प्रानेश सरकार, रतन राय, धीरेन्द्र दास, संतोष दत्ता, मनोतोष विश्वास सहित अन्य ने विभिन्न पेंशन योजना का लाभ दिलाने की मांग कलक्टर से किया है। ग्रामीणों का कहना था कि कई बुजूर्ग होने से उन्हें जीवकोपर्जन के लिए काफी दिक् कतों का सामना करना पड़ता है।

पंचायत के जनप्रतिनिधि उदासीन
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले पांच सालों वे अपने सुविधानुसार पंचायत में आवेदन जमा किए थे, लेकिन जनप्रतिनिधियों के उदासिनता के चलते उन्हे अब तक पेंशन का लाभ नही मिल पाया है। उनका कहना था कि सरपंच व सचिव के अश्वासन पर इंतजार करते थक गए, कोई पहल नहीं होने पर वे कलक्टर से गुहार लगाने पहुंचे हैं।

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