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व्यापम घोटाले का कानपुर कनेक्शन, CBI ने 115 में 10 स्टूडेंट्स को पहचाना!

Updated: IST vyapam
ये स्टूडेंट्स व्यापम में कई साल से लापता चल रहे थे, CBI की इस कार्रवाई के बाद पूरे कॉलेज में हड़कम्प मच गया।

कानपुर. मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा व्यापम घोटाला तीन साल पहले सामने आया था। इस घोटाले के तार गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर से जुड़े मिले। इसकी जांच कर रही सीबीआई अभी तक कई दर्जन स्टूडेंट्स को अरेस्ट कर चुकी है। कुछ जेल में हैं तो कुछ कोर्ट से जमानत लेकर बाहर आ गए हैं। इसी व्यापम घोटाले में लापता चल रहे 115 आरोपियों में 10 की पहचान हो गई है। ये सभी मेडिकल कालेज के छात्र हैं। इनमें से एक छात्र नीलेश कुमार मालवीय पास आउट हो चुका है। लापता आरोपियों की तलाश में सीबीआई ने 115 छात्रों की सीडी भेजी थी। फोटो के माध्यम से ही इन 10 स्टूडेंट्स की पहचान हुई है। हालांकि सीबीआई की सूची में दो के ही नाम सही थे। मेडिकल कालेज प्रशासन ने नाम सही कर सूची सीबीआई को वापस भेज दी है।

कॉलेज प्रशासन ने की पुष्टि

व्यापम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को उन 115 मेडिकल स्टूडेंट की तलाश है। जिनके नाम, पते और कालेज की सही
जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे संदिग्ध स्टूडेंट की फोटो एवं पूछताछ में पता चले नामों के आधार पर तैयार की गई सीडी सात दिन पहले कानपुर के मेडिकल कालेज समेत अन्य मेडिकल कालेजों को भेजी थी। मेडिकल कालेज के प्रवक्ता डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि 10 स्टूडेंट इसी मेडिकल कालेज के हैं। अन्य स्टूडेंट और शिक्षकों से पुष्टि भी हो गई है।

29 को सीबीआई ने चस्पा की थी लिस्ट
व्यापम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने मंगलवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 115 आरोपी की सूची चस्पा की थी। सीबीआई अधिकारियों के साथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को देने का विकल्प दिया गया है। अभी तक मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों को सीबीआई ने पूछताछ के लिए भोपाल बुलाया है। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन से पांच सालों का ब्योरा तलब किया था। मेडिकल कॉलेज ने सभी रिकार्ड भी दे दिए थे लेकिन अब सीबीआई ने कॉलेज में आरोपियों की सूची चस्पा कर हड़कम्प मचा दिया था। जीएसवीएम के छात्रों के नाम बताए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मेडिकल कॉलेज ने पुष्टि नहीं की है। सीबीआई की सूची में 14 छात्रों को फरार बताया जा रहा है क्योंकि उनका ब्योरा अभी तक सीबीआई को नहीं मिला है। सीबीआई ने सूची में दर्ज नामों के बारे में बताने के लिए प्राचार्य से भी सहयोग मांगा है। सूची के लगने के बाद मेडिकल कॉलेज ने भी अपने स्तर से छानबीन शुरू कर दी है। अब यह देखा जा रहा है कि किस बैच के छात्रों ने भोपाल जाकर अपने बयान दर्ज किए हैं। हालांकि ज्यादातर के आरोप अभी तक सिद्ध नहीं हो सके हैं लेकिन सीबीआई ने दबाव बना दिया है। कॉलेज प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि सूची पर जिसे सहयोग करना है, वह सीधे भी सीबीआई को जानकारी दे सकते हैं।

ये हैं लापता छात्रों के नाम

1)- विमलेश- असली नाम उमेश कुमार- बैच 2013

2)- सुशील कुमार विश्वकर्मा- असली नाम अमित सिंह- बैच 2013

3)- शेर बहादुर वर्मा- असली नाम शेर बहादुर वर्मा- बैच 2013

4)-शशिकांत सिंह- असली नाम अनिल कुमार- बैच 2014

5)- एसजी जायसवाल- असली नाम श्रवण कुमार दुबे- बैच 2014

6)- रमेश मोवेल- असली नाम संजय कुमार- बैच 2011

7)-अरविंद कुमार वर्मा- असली नाम अरविंद कुमार वर्मा- बैच 2016

8)- आफाक खान- असली नाम नीलेश कुमार मालवीय- बैच 2009

9)- अभिषेक यादव- असली नाम अवधेश गुप्ता- बैच 2012

10)- एके सिंह- असली नाम रमेश कुमार सिंह- बैच 2013

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