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आईटी की कार्रवाई के बाद मची खलबली, दफ्तर में धन कुबेर की हलचल बढ़ी

Updated: IST Income tax
शहर के तीन अफसरों और शताब्दी ट्रवल्स के मालिक व भाजपा नेता के घर और आफिसों में इनकम टैक्स की कार्रवाई जारी है।

कानपुर। शहर के तीन अफसरों और शताब्दी ट्रवल्स के मालिक व भाजपा नेता के घर और आफिसों में इनकम टैक्स की कार्रवाई जारी है। इसके चले बड़े धन कुबेरों के अंदर खलबली मच गई है और वे विभाग के दफ्तर में डेरा जमाए हुए हैं। नोटबंदी के दौरान करीब 700 धन कुबेर आईटी की राडार पर आए थे। लेकिन सत्ता में पकड़ होने के चलते विभाग इन पर हाथ रखने से कतराता रहा। पर केंद्र में मोदी और सूबे में योगी के बैठते ही धन कुबेरों पर इनकम टैक्स ने अपनी नजर टेड़ी कर दी है। सूत्रों की माने तो आईटी को तीन दिन तक की छानबीन के दौरान भाजपा नेता के खिलाफ कर चोरी का मामला सामने आया है। विभाग उन्हें जल्द नोटिस के जरिए जावब मांगने की तैयारी कर रहा है।

8 ठिकानों पर जांच जारी

काकादेव निवासी भाजपा नेता चंद्रकुमार गंगवानी की शताब्दी ट्रैवल्स फर्म के आठ ठिकानों पर जांच चल रही है। जांच का मुआयना करने आयकर निदेशालय के ज्वाइंट डायरेक्टर अमरेश कुमार तिवारी खुद यहां पहुंचे। इनके आवास से अब तक कुल 15 लाख रुपये कैश मिल चुका है। पहले दिन 10 लाख रुपये व दूसरे दिन पांच लाख रुपये की करेंसी और पता चली। गंगवानी के आवास और फर्म के सात ठिकानों पर मिले दस्तावेजों को सील कर दिया गया है। आयकर अफसरों ने पाया कि इनके कारोबार का कोई भी रिकार्ड मेनटेन नहीं था। किसी चीज का हिसाब नहीं मिला। मनमाफिक रिटर्न जमा किया जाता था। वाणिज्यकर में दिए गए टैक्स का भी कोई हिसाब नहीं।

20 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी सामने आई

भाजपा नेता के आवास से मिले दस्तावेजों में आईटी को हेराफेरी कर करोड़ों की टैक्स चोरी की बात निकल कर सामने आई है। आयकर के सूत्र बताते हैं कि यह बड़ा मामला है। 20 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी सामने आएगी। बता दें कि इनकी शताब्दी ट्रैवल्स के फजलगंज में चार, काकादेव में तीन ऑफिसों व आवास पर एक साथ छापा मारा था। इस दौरान भाजपा नेता ने आईटी विभाग की टीम को पहले रौब में लेते हुए घर के अंदर आने से रोकने का प्रयास किया। साथ ही उन्हें खामियाजा भुगतने की धमकी भी दी। अफसरों ने जब एफआईआर की बात कही तो उन्हें अपने पैर पीछे करने पड़े।

अक्सर लड़ते-झगड़ते थे कारोबारी और अफसर

शहर के व्यापारियों और वाणिज्यकर अफसरों के बीच झड़प और वाद विवाद आम बात है। बीते एक साल में कई ऐसे मौके आए जब व्यापारी और वाणिज्यकर के अफसर वसूली पर आमने सामने हुए। कई बार कमिश्नर मो. इफ्तेखारुद्दीन के सामने भी मामला उठा, लेकिन हल नहीं निकला। साथ ही वाणिज्यकर की सचल दल इकाइयों में बिना नेम प्लेट व वर्दी के सिपाहियों का साथ रहना आम बात है। यही सिपाही व्यापारियों के वाहनों से अवैध वसूली करते हैं। सूत्रों की माने तो वाणिज्यकर के जोनल कार्यालय कानपुर में हर माह दो करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली होती है। इस कमाई का हिस्सा अधिकारियों से लेकर वाणिज्यकर मुख्यालय, शासन के अफसरों और मंत्रियों तक में बंटता था।

राजसी शादी के बाद राडर पर चढ़े थे केशवलाल

पिछले साल दिसम्बर में केशवलाल ने बेटी की शादी की थी। नोएडा के एक होटल से की गई शादी में करीब छह करोड़ रुपए खर्च किए थे। एक सरकारी अधिकारी के यहां वैवाहिक समारोह में पानी की तरह पैसा बहाने की चर्चा पूरे वाणिज्य कर विभाग में थी। राजसी शादी की भनक आयकर विभाग को भी मिल चुकी थी। उसका ब्योरा जुटाया गया तो तथ्य सही पाए गए। तभी से केशवलाल आयकर विभाग के निशाने पर आ गए। वहीं कानपुर स्थित आवास में केशवलाल से पूरी रात पूछताछ के बाद आयकर अधिकारी उन्हें लेकर नोएडा रवाना हो गए हैं। वहां अकूत संपत्ति मिलने के बाद आयकर विभाग ने उनसे इसका स्रोत पूछा तो पहले उन्होंने इनकार कर दिया लेकिन फ्लैटों के लगातार कागजात मिलने पर वे चुप हो गए। उनकी दलील से असंतुष्ट आयकर अधिकारी उन्हें लेकर गुरुवार दोपहर को नोएडा के लिए निकल गए।

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