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Photo Icon आइए, मिलवाते हैं देश के अगले राष्ट्रपति के परिवार से, फोटो भी देखिए...

Updated: IST Ramnath Family
अगले संभावित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कुनबा आज भी बेहद साधारण तरीके से रहता है। भाई-भतीजे या नाली-पोतों से मिलकर यकीन नहीं होगा कि इनका कोई करीबी रिश्तेदार दो मर्तबा सांसद रह चुका है और मौजूदा दौर में बिहार के राज्यपाल हैं।

कानपुर. ‘सादगी के राम’ यानी देश के अगले संभावित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कुनबा आज भी बेहद साधारण तरीके से रहता है। भाई-भतीजे या नाली-पोतों से मिलकर यकीन नहीं होगा कि इनका कोई करीबी रिश्तेदार दो मर्तबा सांसद रह चुका है और मौजूदा दौर में बिहार के राज्यपाल हैं। भाजपा और संघ के बड़े पदों पर रहने के बावजूद रामनाथ कोविंद ने भाई-भतीजावाद नहीं किया। इसी कारण आज भी उनके भाई-भतीजे कानपुर के झींझक कस्बे में परचून और कपड़ों की दुकान चलाते हैं तो समधी कच्चे घर में रहते हैं। आइए, मिलते हैं देश के अगले राष्ट्रपति के परिवार से।

नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं रामनाथ कोविंद

Ramnath Family

डेरापुर तहसील के परौंख गांव में 01 अक्टूबर 1945 को अनुसूचित जाति के गरीब किसान मैकूलाल के घर नौवीं संतान के रूप में पैदा हुए रामनाथ कोविंद के बड़े भाइयों के नाम रखे गए मोहनलाल, शिवबालक राम, रामस्वरूप भारती, प्यारेलाल, जबकि चार बहनें है। इस दुनिया में मोहनलाल और शिवबालक राम नहीं हैं, जबकि चारो बहनें भी संसार से विदा हो चुकी हैं। शिवबालक राम शिक्षक थे, जबकि बड़े भाई रामस्वरूप भारती मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी करने गए और वहीं बस गए।

भतीजों कीझींझक मेंकपड़े की दुकान

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दो मर्तबा सांसद रहने के बावजूद रामनाथ कोविंद के रिश्तेदार चमक-दमक से दूर हैं। रामनाथ कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल के बेटे पंकज झींझक में कपड़े की दुकान चलाते हैं।

भाईप्यारेलालचलाते परचून की दुकान

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दूसरे भाई मोहनलाल के बेटे सुरेश भी झींझक में कपड़े का कारोबार करते हैं। प्यारेलाल के दूसरे लडक़े दीपक बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक हैं।

बिन बिजली कच्चे मकान में रहते हैं समधी

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कानपुर के शिवराजपुर में ग्राम पंचायत गौरीअभयपुर के गांव बृजवासिनापुरवा में रामनाथ कोविंद के भाई शिवबालक की बिटिया अंजली का ब्याह हुआ है। अंजली के ससुराल में बिजली कनेक्शन नहीं है, जबकि मकान भी कच्चा है। कोविंद के समधी लालाराम ने बताया कि मिलनसार स्वभाव के कारण रामनाथ कोविंद को गांव में बेहद सम्मान मिलता है।

भांजा श्यामबाबू जीएनके इंटर कालेज में शिक्षक

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रामनाथ कोविंद की बहन पार्वती अब दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके बेटे श्यामबाबू कानपुर के रावतपुर में आफिसर्स कॉलोनी में रहते हैं। श्यामबाबू कचेहरी के पास जीएनके इंटर कालेज में शिक्षक हैं, जबकि उनकी पत्नी एडीजे की पीए हैं। श्यामबाबू की दो बेटियां गायत्री और प्रतिभा ने बाबा रामनाथ कोविंद को राज्यपाल बनाने पर उम्मीद जताई थी कि बाबा एक दिन राष्ट्रपति भी बनेंगे।

गांव में खेती-बाड़ी संभालता है भतीजा अनिल

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पुश्तैनी गांव परौंख में भतीजा अनिल खेती संभालता है। गांव जाएंगे तो किसी पगडंडी पर बैठे हुए अनिल मिल जाएंगे। बेहद साधारण किसान जैसे दिखने वाले अनिल से सवाल किया कि चाचा बिहार के राज्यपाल हैं। सांसद भी रहे, लेकिन परिवार के लिए क्या कुछ नहीं किया। जवाब मिला कि बहुत किया है- गांव में स्कूल खुल गया है, बैंक भी खुल चुकी है। पक्की सडक़, ट्यूबवेल भी मौजूद हैं।

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