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युवा संत अब लव जिहाद के लिए खिलाफ छेड़ेंगे जंग

Updated: IST Love Jihad
विहिप का शहर के पनकी स्थित युवा संत चिंतन वर्ग की बैठक नारायना विद्यापीठ, गंगागंज में शुरू हुई। जिसमें देश के छोटे और बड़े विश्व हिन्दू परिषद के नेता व संत समाज ने हिस्सा लिया।

कानपुर. विहिप का शहर के पनकी स्थित युवा संत चिंतन वर्ग की बैठक नारायना विद्यापीठ, गंगागंज में शुरू हुई। जिसमें देश के छोटे और बड़े विश्व हिन्दू परिषद के नेता व संत समाज ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान देश और धर्म रक्षा के लिए विहिप अब युवा संतों को हिन्दू परिवारों के पास भेजेगी और उन्हें लव जिहाद के बारे में बताएगी। विश्व हिंदू परिषद अब युवा संतों के साथ छोटी-छोटी बस्तियों में जाकर धर्मांतरण रुकवाने के साथ ही जो धर्म परिवर्तित कर चुके हैं उनकी घर वापसी कराएगी।

सोशल मीडिया बना लव जेहाद का औजार
विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन दिनेश चंद्र ने कहा कि देशभर में सोशल मीडिया के जरिए हिन्दू समुदाय के लड़कियों को अन्य समुदाय के लड़के अपने प्रेम जाल में फंसा लेते हैं। धर्म छिपकार शादी करने के बाद उनका शोषण करते हैं और बाद में तीन बार तालाक कहकर उन्हें छोड़ देते हैं। इस समय हमारे देश में दर्जनों मामले लव जेहाद के आ रहे हैं। अब विहिप युवा संतों के साथ मिलकर लव लेहाद और धर्म परिवर्तन को लेकर दीपावली के बाद जंग शुरू करने जा रहे हैं।

5 हजार युवा संतों के हाथों पर मिली कमान
अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन दिनेश चंद्र ने कहा कानपुर में बिठूर स्थित गंगा के तट से विहिप और पांच हजार युवा संत दीपावली के बाद बैठक करेंगे और यह कारवां गांव, गली, कस्बों और मोहल्लों के साथ बुंदेलखंड के जिलों से होते हुए पूरे देश का भ्रमण करेगा। इस दौरान युवा संत हिन्दू परिवार लव जेहाद और धर्म परिवर्तन करने वालों की घर वापसी कराएंगे।

देश बड़े संकट से गुजर रहा
युवा संत चिंतन वर्ग के उद्घाटन सत्र में अयोध्या से आए महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी कमलनयन दास शास्त्री ने कहा कि अगर हमारे भाई ईसाई बन जाएंगे या फिर इस्लाम धर्म कुबूल कर लेंगे तो फिर कहां से धर्म, राष्ट्र और समाज की रक्षा हो पाएगी। उन्होंने कहा कि देश बड़े संकट से गुजर रहा है। यहां आतंकवाद, अलगाववाद और तमाम तरह की विषमताएं दिख रही हैं। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नगालैंड में लोग ईसाई धर्म अपना रहे हैं। ऐसे में भेदभाव, अलगाववाद, छुआछूत, घृणा को दूर करना होगा। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन दिनेश चंद्र ने कहा कि संतों के मनन और विचारों से मजबूत समाज का गठन किया जाएगा। पुराने संत अपना कर्म, धर्म बखूबी निभा रहे हैं। मौजूदा परिवेश में नए संतों पर जिम्मेदारी ज्यादा है। उन्हें हर बात का ध्यान रखना होगा।

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