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स्कूलों को मिलेगी एलपीजी गैस, जल्दी तैयार होगा बच्चों को एमडीएम 

Updated: IST school
प्रत्येक विद्यालय को 1500 रुपये अग्निशमन यंत्र के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

कटिहार। जिले के स्कूलों को एलपीजी गैस कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस सुविधा से स्कूलों में लकड़ी जलाकर बनने वाले मिड डे मील से मुक्ति मिलेगी। सरकार ने अब स्कूलों में इसके लिए एलपीजी गैस कनेक्शन समेत अग्निशमन यंत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, अब तक इसके लिए जिले के 343 प्रारंभिक विद्यालयों को राशि आवंटित कर दी गई है। प्रारंभिक विद्यालयों में जलावन के जरिये मध्याह्न भोजन तैयार करने से रसोइया को मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही विद्यालय भी धुआं मुक्त हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि जब से एमडीएम की शुरुआत हुई है, तब से जलावन से ही बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। केंद्र सरकार ने दो महीना पहले प्रारंभिक विद्यालयों को एलपीजी गैस कनेक्शन देने का फैसला किया था। चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में केंद्र सरकार के निर्देश के आलोक में 60 प्रतिशत विद्यालय को एलपीजी गैस कनेक्शन तथा अग्निशमन यंत्र मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दिशा में पहल भी शुरू कर दी गयी है। कटिहार जिले में अब तक 343 प्रारंभिक विद्यालयों को एलपीजी गैस कनेक्शन व अग्निशमन यंत्र के लिए राशि आवंटित की गई है। कटिहार जिले में कुल 1998 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन चलाया जा रहा है। इन सभी विद्यालयों में आने वाले दिनों में एलपीजी गैस कनेक्शन व अग्निशमन यंत्र एमडीएम के लिए दिया जाएगा।

विद्यालय को धुआं मुक्त बनाने के उद्देश्य से एमडीएम के तहत बनने वाले भोजन के लिए अब जलावन का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किचन में अग्निशमन यंत्र के की व्यवस्था भी की जायेगी। प्रत्येक विद्यालय को 1500 रुपये अग्निशमन यंत्र के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
इनका कहना है...

चालू वित्तीय वर्ष में 60 प्रतिशत विद्यालयों को एलपीजी गैस कनेक्शन व अग्निशमन यंत्र से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रीराम कुमार, डीपीओ, मध्याह्न भोजन योजना

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