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ये हादसों की सड़क है, यहां जरा संभलकर चलिए

Updated: IST thana
झिंझरी से लखापतेरी के बीच एच-7 पर हो रही सर्वाधिक सड़क दुर्घटना,बेहतर सड़क को मान रहे हादसे की वजह

कटनी।अगर आप एनएच-7 पर चल रहे हैं तों झिंझरी से लखापतेरी के बीच जहा संभल कर चलें। बीते तीन सालों के दौरान सड़क हादसों को देखा जाए तो सर्वाधिक सड़क दुर्घटना इसी स्थान पर हुआ है। बेहतर सड़क को विकास का पैमाना माना जाता है। दूसरी ओर ज्यादा सड़क हादसे को बेहतर सड़क का परिणाम माना जा रहा है। इस साल जिलेभर में 759 सड़क दुर्घटना मेंं सर्वाधिक सड़क दुघर्टना माधवनगर थानाक्षेत्र में 144 हुई है। इसमें ज्यादा वाहन दुघर्टना झिंझरी से लेकर लखापतेरी के बीच हुई हैं।

खतरनाक प्वाइंट हैं
माधवनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 में 112 और 2015 में 124 सड़क दुर्घटना हुई थी। वाहनों के बढऩे के साथ ही दुर्घटनाओं का आंकड़ा भी बढ़ा है। पिछले तीन साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो कई थाना क्षेत्रों में घटनाएं डेढ़ सैकड़ा से अधिक रही हैं। वहीं कई ऐसे स्थान हैं जहां पर खतरनाक प्वाइंट बने हैं और आए दिन वहां पर वाहन दुर्घटना का शिकार होते हैं। पिछले तीन साल में जिले की सीमाओं से गुजरने वाले कई मार्गों का निर्माण हुआ है और उससे वाहनों की गति बढऩा भी दुर्घटनाओं में इजाफा होने का कारण माना जा रहा है।

हाइवे से जुड़ा
कोतवाली थाना में इस वर्ष दस माह में 135 घटनाएं हुई हैं जबकि बीते वर्ष 123 और वर्ष 2014 में 137 वाहन दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। शहर के अन्य थानाक्षेत्र कुठला में 114 घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा। जिसमें पिछले वर्ष 104 व उससे पहले 75 घटनाएं दर्ज हुई थीं। कुठला थाना क्षेत्र का हिस्सा भी हाइवे से जुड़ा है और इसके चलते चाका बाइपास से लेकर कैलवारा तक और लमतरा फाटक की ओर अधिक वाहन दुर्घटनाएं हुई हैं। सड़क दुघर्टना ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी थाना क्षेत्रों में अधिक हुए हैं। दो वर्ष पूर्व तक एनएच-7 जबलपुर से लेकर मैहर तक सड़क खराब था, जिसका सुधार हुआ है तो वहीं कटनी दमोह मार्ग, सिहोरा-रैपुरा मार्ग सहित कई अन्य मार्ग नए बने हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़वारा में सर्वाधिक घटनाएं
माह जनवरी से लेकर अक्टूबर के अंत तक सड़क दुर्घटनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़वारा थाना अव्वल रहा है। यहां पर दस माह में 87 मामले दर्ज हुए हैं जबकि बरही थाना क्षेत्र में 75 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में 48, उमरियापान में 19, ढीमरखेड़ा में 19, विजयराघवगढ़ में 38, कैमोर में 37 और रीठी में 43 सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आए हैं। पिछले तीन वर्ष के आंकड़ोंं में ग्रामीण क्षेत्रों में भी वाहन दुर्घटनाओं में इजाफा ही हुआ है। तीन साल में स्लीमनाबाद, उमरियापान, ढीमरखेड़ा, विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्रों में ही दुर्घटनाएं कम हुई हैं लेकिन अधिकांश में बढ़ोत्तरी ही हुई है।
ऐसे हो सकता है बचाव
- नशे की हालत में न चलाएं वाहन
- यातायात के नियमों का करें पालन
- हेलमेट का हमेशा करें उपयोग
- निर्धारित गति में ही चलाएं सड़क पर वाहन
- रात को डिपर में वाहन चलाएं
- नबालिकों को न दें वाहन चलाने को
- चार पहिया में सील्ट बेल्ट का करें उपयोग
- ठंड में धुंध में वाहनों की लाइट जलाकर करें ड्राइव

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