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अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों को अब कलेक्टर कर सकेंगे राजसात

Updated: IST
अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोक के लिये गौण खनिज नियम में हुआ संशोधन

कटनी.खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रकरणों में दंड दिये जाने के अधिकार कलेक्टर को दिये गये हैं। इतना ही नहीं ऐसे वाहनों पर अब राजसात की कार्रवाई भी कलेक्टर कर सकेंगे। खनिज साधन विभाग ने मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम-1996 में संशोधन किया है। संशोधन लागू हो गया है। संशोधित नियम में यह प्रावधान किया गया है कि गौण खनिजों के खदानधारकों द्वारा यदि खदान क्षेत्र में अवैधानिक रूप से परिवहन किया जाता है, तब स्वीकृत खदान में खनन कार्य निलंबित करने और ऐसे परिवहन खनिज पर अतिरिक्त रॉयल्टी वसूल करने का अधिकार अब कलेक्टर को होगा।
निजी भूमि में जारी नहीं होंगे अस्थाई लाइसेंस:
निजी भूमि में मुरम खनिज का पट्टा स्वीकृत करने के प्रावधान पूर्व में किये जा चुके हैं, तो ऐसी स्थिति में मुरम खनिज का अस्थायी लायसेंस प्रदान करने का प्रावधान समाप्त किया गया है। पत्थर एवं रेत खनिज की निजी भूमि में अस्थायी लायसेंस स्वीकृत किये जाने के प्रावधान को समाप्त किया गया है।
70 गुना तक अर्थदंड:
अब अवैध खनन के प्रकरणों पर 70 गुना तक रायल्टी लगेगी। इसमें अवैध रूप से उत्खनित अथवा परिवहित खनिज की प्रचलित रॉयल्टी का 30 गुना, दूसरी बार रॉयल्टी का 40 गुना, तीसरी बार रॉयल्टी का 50 गुना और चौथी बार रॉयल्टी का 70 गुना दंड अधिरोपित किया जा सकेगा। अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रकरणों में समझौते किये जाने के प्रावधान किये गये हैं। इसमें पहली बार प्रकरण प्रकाश में आने पर रॉयल्टी का 25 गुना, दूसरी बार रॉयल्टी का 35 गुना, तीसरी बार रॉयल्टी का 45 गुना एवं चौथी बार रॉयल्टी का 65 गुना तक का प्रावधान किया गया है। पूर्व की व्यवस्था में बाजार मूल्य के मान से दण्ड किये जाने के प्रावधान थे। बाजार मूल्य अलग-अलग जिलों में अलग-अलग होता था, जिसके कारण एक ही खनिज पर अलग-अलग राशि का अर्थदण्ड आरोपित होता था। इस विसंगति को समाप्त किया गया है।

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