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बीमार छात्र को अस्पताल के गेट पर छोड़ा

Updated: IST hospital
अस्पताल में भर्ती महिला ने छात्र के परिजनों को फोन से दी सूचना, बालक अनुजनजाति छात्रावास का मामला

कटनी. बहोरीबंद के शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में पदस्थ भृत्य के छात्रावास के एक बीमार छात्र को अस्पताल के गेट पर छोड़कर जाने का मामला प्रकाश में आया है। छात्र को अकेला गेट पर छोड़कर जाने के बाद अस्पताल में भर्ती एक महिला ने मानवता का परिचय देते हुए छात्र के परिजनों को फोन के माध्यम से सूचना दी। बेटे के बीमार होने की सूचना पाकर परिजन देररात अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक शासकीय प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बहोरीबंद में रहकर साकिन जुझारी निवासी कक्षा 9वीं का छात्र रविंद्र पिता गुलाब सिंह गोंड़ पढ़ाई करता है। गुरुवार को छात्र को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। छात्रावास में मौजूद भृत्य छात्र को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंंद आया। यहां पर छात्र को गेट पर अकेला छोड़कर चला गया। बीमार छात्र गेट के बाहर करीब दो घंटे तक बैठा रहा। इसके बाद अस्पताल में भर्ती एक महिला मोबाइल से छात्र के घरवालों से बात कराई। बीमारी की सूचना पाकर परिजन अस्पताल पहुंचे और छात्र को भर्ती कराया। अस्पताल में पदस्थ कर्मचारियों ने बेड खाली होने के बाद भी छात्र को जमीन पर लिटाकर इलाज शुरू किया। परिजनों के आपत्ति जताने पर एक घंटे बाद डॉक्टरों ने छात्र को बेड उपलब्ध कराया। इधर, अस्पताल में भर्ती छात्र ने बताया कि छात्रावास में पदस्थ भृत्य गांव का ही है। जिस वजह से छात्रावास में उसके आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रहता है। अधीक्षक भी कटनी से अपडाउन करते हैं। सप्ताह में दो-तीन दिन ही छात्रावास आते हैं। दो साल पहले छात्रों की पिटाई के मामले में भृत्य का विजयराघवगढ़ स्थानांतरण भी किया जा चुका है।

छात्रावास के बीमार छात्र को अस्पताल गेट पर कर्मचारी के छोड़कर जाने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद अजीज, जिला संयोजक, आदिम जालि कल्याण विभाग

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