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सिंगरौली ज्यादा भेजते हैं, सागर लाइन तो देते ही नहीं

Updated: IST rail adhikari
पटरी पर रेल दौड़ाने वाले गार्डों की परेशानी

कटनी. ड्यिूटी बराबरी के साथ दिया जाए तो ही ठीक माना जा सकता है, यहां कुछ गार्डों को सिंगरौली ज्यादा भेजते हैं, और सागर लाइन तो देते ही नहीं है। न्यू कटनी जंक्श्न (एनकेजे) स्थित एरिया मैनेजर कार्यालय में चीफ सुपर वाइजर ओपी सिंह को गार्डों ने कुछ ऐसी ही परेशानी से अवगत कराया।

रोज पटरी पर दौड़ रही गाडिय़ों के परिचालन में अहं भूमिका निभाने वाले गार्डों की अपनी परेशानी है। रेलवे को माडर्न बनाने प्रधानमंत्री जोर दे रहे हैं। सुधार का क्रम ऐसा कि 92 साल बाद रेल बजट का सफर रोककर आम बजट में समाहित कर दिया गया। इन सब के बीच रेल कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याएं हल करने में क्या रेलवे प्रबंधन ध्यान दे रही है शायह यह अब भी बड़ा सवाल है। रेलवे को सर्वाधिक कमाई मालभाड़े से होती है।

एनकेजे में मालगाड़ी चलाने के लिए 125 गार्डों की ड्यिूटी है। सिंगरौली सिंगल लाइन सेक्शन है, इस लाइन में सामने से आने वाली गाड़ी को पासिंग देने दूसरी गाड़ी को छोटे स्टेशनों के लोकल लाइन में खड़ी की जाती है। कई बार गाड़ी लोकल लाइन में गई तो आगे बढऩे के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है। ऐसी ड्यिूटी पकाऊ होती है। दूसरी ओर डबल लाइन वाले सागर सेक्शन में जाने पर गार्डों को ज्यादा परेशानी नहीं होती। गार्डों का कहना है कि ड्यिूटी बराबरी के साथ बांटकर दिया जाना चाहिए लेकिन लॉबी के कुछ कर्मचारी ऐसा नहीं कर रहे हैं।

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