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जानिए कैसे? घर बैठे दे सकेंगे पेंशनर जीवित होने का प्रमाण पत्र

Updated: IST Know ... How? Certificate of pensioners living at
- बैंकों में हर साल नवंबर में देना पड़ता है प्रमाणपत्र

खंडवा. पेंशनर्स को अपने जीवित होने का प्रमाण-पत्र देने के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटना पड़ेंगे। क्योंकि केंद्र सरकार ने जीवित होने का प्रमाण-पत्र घर बैठे देने की सुविधा शुरू कर दी है। अगर उनके यहां नेट की सुविधा है तो यह काम घर पर ही हो सकता है। या फि र वे नजदीकी कियोस्क सेंटर पर जाकर प्रमाण पत्र दे सकते हैं।

बैंक हर साल पेंशनर्स से नवंबर के महीने में उनके जीवित होने का प्रमाण्-पत्र मांगती हैं। इसके लिए एक फ ार्म भी भरवाया जाता है। यहां तक तो ठीक है। पेंशनर्स से फ ार्म भरने में कोई गलती हो जाती है तो या तो उसे बार-बार बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं या फि र उसकी पेंशन रोक दी जाती है। ज्यादा उम्र के पेंशनर्स तो बैंक तक ही नहीं पहुंच पाते हैं।

बैंकों के अपने-अपने प्रोफ ार्मा

पेंशनर्स हरीष शर्मा ने कहा यह वाकई बहुत अच्छी सुविधा शुरू हुई है। पहले तो हर साल झंझट रहता था, बैंक में एक बार में काम होता ही नहीं था। बैंकों से पेंशनरों को ज्यादा ही परेशान होना पड़ता है। अलग-अलग बैंकों के प्रमाणपत्रों के प्रोफ ार्मा भी अलग-अलग हैं। एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में अलग-अलग प्रोफार्मा हैं। कहीं अंग्रेजी में जानकारी मांगी जाती है तो कहीं हिंदी में।

कैसे मिलेगी सुविधा

पेंशनर्स अपने जीवित होने का प्रमाण-पत्र नजदीक के नागरिक सुविधा केंद्र से भेज सकते हैं। उन्हे अपना आधार कार्ड, पेंशन नंबर और संबंधित बैंक का खाता नंबर देना होगा। पूरी प्रक्रिया में दस मिनट का समय लगता है। पेंशनर्स पोर्टल पर नागरिक सुविधा केंद्र को ढूंढ सकते हैं। या घर बैठे ही ऑनलाइन यह प्रमाणपत्र जारी कर सकते हैं। एलडीएम जेके सोनिक ने कहा इस सुविधा का अधिक से अधिक पेंशनर्स लाभ उठाएं।

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