Patrika Hindi News

> > > > Farmers took to the road for their rights, Two hours from donation

अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे किसान, दो घंटे थमा रहा शहर

Updated: IST  Farmers took to the road for their rights, Two ho
भारतीय किसान संघ ने निकाली अधिकार रैलीप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित किसानों की समस्याओं पर सुनाई खरी खोटी, सौंपा ज्ञापन

खरगोन. शहर में गुरुवार को किसानों का मानों सैलाब आया था। हजारों किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर मुखर होते हुए सड़क पर उतरकर अपना अधिकार मांगा। इस दौरान दो घंटे तक पूरा शहर मानों थमकर रह गया था। रैली के बाद हुई सभा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की विसंगतियों व अन्य समस्याओं को लेकर सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। सभा के बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपकर समस्याएं हल करने की मांग की। अधिकार रैली में लगभग दस हजार से अधिक किसान शामिल हुए।

सुबह से लगने लगा था जमावड़ा-

भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में गुरुवार को जिला अधिकार रैली का आयोजन किया गया था। इसमें शिरकत करने के लिए सुबह दस बजे से ही बड़ी संख्या में किसान जुटने लगे थे। ट्रैक्टर ट्रालियों, चारपहिया व दोपहिया वाहनों से जिलेभर के किसान नवग्रह मेला मैदान पहुंचने लगे थे।

...लेकिन कीमत पूरी लेंगे-

नवग्रह मेला मैदान पर एकत्रीकरण के बाद दोपहर लगभग 12 बजे अधिकार रैली प्रारंभ हुई। इसमें किसानों द्वारा लगाया जाने वाला नारा 'देश के हम भंडार भरेंगे, लेकिन कीमत पूरी लेंगेÓ पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। इसके साथ ही अपनी मांगों से संबंधित अन्य नारे लगाए गए। रैली में किसान तीन-तीन की कतार बनाकर चल रहे थे। इसके साथ ही सैकड़ों वाहन भी रैली में शामिल हुए। इन वाहनों में भी बड़ी संख्या में किसान बैठे हुए थे।

ऐच्छिक हो फसल बीमा-

नवग्रह मेला मैदान से प्रारंभ हुई रैली डायवर्सन रोड, फव्वारा चौक, पोस्टऑफिस चौराहा, श्रीकृष्ण तिराहा, बिस्टान रोड होकर अनाज मंडी पहुंची। यहां आयोजित सभा को राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री गजेंद्रसिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित, प्रांत अध्यक्ष कमल आंजना, प्रांत मंत्री दिनेश पाटीदार, जिला अध्यक्ष श्यामसिंह पंवार, सदाशिव पाटीदार, सीताराम पाटीदार, गोपाल पाटीदार, कमलेश पाटीदार ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि ्रप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऐच्छिक होना चाहिए। इसके लिए अनिवार्यता समाप्त की जाए। बीमे के लिए किसानों की सहमति ली जाए। इसके साथ ही जिले को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि पिछले तीन वर्ष से यह जिला अल्पवर्षा के कारण सूखे की मार झेल रहा है। इसके बावजूद जिले को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही नर्मदा उद्वहन का पानी दिए जाने की मांग भी की गई।

कृषि महाविद्यालय प्रारंभ हो-

किसान नेताओं ने जिला मुख्यालय पर कृषि महाविद्यालय प्रारंभ करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जिले की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि आधारित है और आधी से अधिक आबादी आजीविका के लिए कृषि पर ही निर्भर है। इसके बावजूद जिले में कृषि महाविद्यालय नहीं है। इसके अभाव में किसानों के बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोडऩा पड़ती है। जिले में खेती को उन्नत बनाने के लिए कृषि महाविद्यालय की स्थापना को समय की जरूरत बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि इसके प्रारंभ होने से जिले के युवा कृषि की आधुनिक तकनीक सीख सकेंगे।

अमानक खाद का उठा मुद्दा-

सभा के दौरान बताया गया कि पश्चिम निमाड़ जिले में बड़े पैमाने पर अमानक स्तर का खाद बेचा गया है। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की दस कंपनियों ने अमानक स्तर का खाद किसानों को उपलब्ध कराया है। इन कंपनियों के खिलाफ कृषि उपसंचालक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वक्ताओं ने कहा कि सभी दस कंपनियों के

खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जैविक खेती व रोजगार जैसे मुद्दों पर किसानों के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई होना चाहिए। इसके साथ ही अनेक विभागों से संबंधित किसानों की लंबित मांगों का निराकरण करने की मांग भी की गई।

कलेक्टर आए ज्ञापन लेने-

भारतीय किसान संघ ने तय किया था कि किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सभा स्थल पर ही दिए जाएंगे। गुरुवार को ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम महेंद्र कवचे पहुंचे, लेकिन किसान कलेक्टर को ही ज्ञापन देने पर अड़ गए। इसके बाद कलेक्टर अशोककुमार वर्मा सभा स्थल पर पहुंचे। यहां उन्हें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे गए। कलेक्टर ने मंच से ही किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन सदैव किसानों के साथ है। इसके साथ ही उन्होंने निमाड़ के किसानों परिश्रमी बताते हुए आधुनिक तकनीक में रूझान रखने वाला बताया।

अनुशासन को मिली तारीफ-

अधिकार रैली मेंं शामिल किसानों की संख्या को देखकर हर कोई चौंक गया। तीन-तीन की कतार में अनुशासनबद्ध होकर नारे लगाते किसानों को देखकर हर किसी ने इस अनुशासन की तारीफ की। रैली में शामिल दोपहिया, चारपहिया व अन्य वाहन भी कतार में ही चलते रहे। अधिकार रैली के दौरान पूरा शहर थमा रहा। रैली के निकलते समय संबंधित मार्ग का यातायात रोक दिया जाता था। डायवर्सन रोड पर रैली निकलने के दौरान पूरा एक ओर का यातायात रोक दिया गया था। इस दौरान एक एम्बुलेंस आ गई। इसमें एक मरीज था। यह देखकर किसान नेताओं ने रैली के बीच से रास्ता बनाते हुए एम्बुलेंस को निकाला।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे