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डॉक्टरों पर हमला अनुचित : राष्ट्रपति

Updated: IST kolkata news
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को कहा कि मरीज की मौत को लेकर डॉक्टरों पर हमला तथा अस्पतालों में तोडफ़ोड़ करना उचित नहीं है। चिकित्सक मनुष्य को जीवन की गारंटी नहीं दे सकता

कोलकाता. राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को कहा कि मरीज की मौत को लेकर डॉक्टरों पर हमला तथा अस्पतालों में तोडफ़ोड़ करना उचित नहीं है। चिकित्सक मनुष्य को जीवन की गारंटी नहीं दे सकता।

चिकित्सक मरीज को स्वस्थ करने के लिए इलाज के जरिए केवल प्रयास ही कर सकता है। मरीज और उनके परिजनों को चाहिए कि वे इस सच्चाई को स्वीकार करें।

राष्ट्रपति ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल सरकार के कदमों का स्वागत करते हुए कहा कि हाल के दिनों में राज्य में अस्पतालों में तोडफ़ोड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिस साहस से विधानसभा में विधेयक पारित कर कानून बनाया इससे निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम पर नियंत्रण रखने में सहूलियत होगी।

गांवों में लोगों की पहुंच से दूर अत्याधुनिक चिकित्सा

दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड डाइजेस्टिव साइंस(आईआईएलडीएस) के उद्घाटन पर राष्ट्रपति ने कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले भारत में अधिकांश लोग करीब छह लाख गांवों में रहते हैं। इन तक आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था नहीं पहुंच पाई है। बड़े-बड़े शहरों में अनेक अस्पताल बने हैं, और अस्पतालों की जरूरत भी है। स्पेशलाइज्ड अस्पतालों की आवश्यकता है, जो लाइलाज रोगों के इलाज के लिए चिकित्सक शोध कार्य के साथ साथ मरीजों का इलाज करे।

विदेशों में अत्याधुनिक चिकित्सा का लाभ लोग उठा रहे हैं। पूर्वी भारत बंगाल, बिहार, असम,ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश का बड़ा हिस्सा (पूर्वी भारत) समेत पूर्वांचल के सात राज्यों में लीवर की बीमारी का बेहतर इलाज के लिए उपयुक्त अस्पताल नहीं था। सोनारपुर में आईआईएलडीएस के उद्घाटन से यह कमी पूरी हो गई। यह अस्पताल आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।

चिकित्सा सेवा है बिजनेस नहीं

राष्ट्रपति ने कहा कि मरीज और उनके परिजन चिकित्सक के कुशल व्यवहार की उम्मीद करते हैं। यह सच है कि चिकित्सक के प्रसन्न मुद्रा में इलाज करने का असर मरीज पर पड़ता है। इससे मरीज का आधा दुख कम हो जाता है। मरीज चिकित्सक को भगवान के रूप में देखने लगते हैं। मुख्यमंत्री के कदमों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा सेवा है बिजनेस नहीं। इसे बेचा नहीं जा सकता।

सरकारी या निजी अस्पतालों को चाहिए कि वे चिकित्सा को सेवा के रूप में देखे। मरीजों और चिकित्सकों के बीच मानवीय संवेदना होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि जिनके पास पैसे हैं वे लोग बेहतर इलाज के लिए चेन्नई मुम्बई समेत दक्षिण के राज्यों में चले जाते हैं,पर जो सामथ्र्य नहीं हैं उन्हें सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर होना पड़ता है। डॉ. कोनार और अभिजीत चौधरी के प्रयासों को साधुवाद जताया। आमलोगों के सहयोग से इन्होंने सोनारपुर में इस तरह के एक संस्थान की स्थापना की गई।

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