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नवजात तस्करी काण्ड: और 2 चिकित्सक गिरफ्तार

Updated: IST kolkata
नवजात बच्चों की तस्करी के मामले में सीआईडी ने दो और चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम डॉ.

कोलकाता।नवजात बच्चों की तस्करी के मामले में सीआईडी ने दो और चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम डॉ. दिलीप घोष और डॉ. नित्यानंद विश्वास है। इसके साथ ही गत 10 दिनों में मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 20 पहुंच गई है। डॉ. दिलीप साल्टलेक के और नित्यानंद बेहला इलाके के पर्णश्री इलाके के निवासी हैं। डॉ. दिलीप ने भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था। नवजात तस्करी काण्ड में उनकी संलिप्तता सामने आने के बाद प्रदेश भाजपा ने डॉ. दिलीप घोष को पार्टी के सभी पदों से निलम्बित कर दिया है।

दोनों डॉक्टरों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सीआईडी की हिरासत में भेज दिया। दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

अब तक की जांच में नवजात तस्करी के मामले में दोनों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। सीआईडी का अनुमान है कि इनसे पूछताछ में इस मामले में और कई नए तथ्य मिलेंगे।

सीआईडी सूत्रों के अनुसार डॉ. दिलीप ने कॉलेज स्क्वायर इलाका स्थित श्रीकृष्ण नर्सिंग होम में 2012 तक काम किया है। कई नवजातों की तस्करी में इनकी सक्रिय भूमिका थी। मामले में पकड़े गए डॉक्टर संतोष कुमार सामंत से पूछताछ में इनका नाम मिला था। मंगलवार रात सीआईडी ने इन्हें पूछताछ के लिए भवानी भवन तलब किया था। लम्बी पूछताछ के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया। जांच एजेन्सी सूत्रों के अनुसार डॉ. दिलीप के उत्तर 24 परगना जिले के बादुडिय़ा इलाका स्थित सोहन नर्सिंग होम के डॉक्टरों के साथ भी संबंध थे। साल्टलेक ग्रीन वर्ज घोटाले में भी उनका नाम सामने आया था।

नित्यानंद को दक्षिण 24 परगना जिले के मछलंदपुर इलाके के एक दम्पती की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। नवजात तस्करी में इलाके के चिकित्सक तपन कुमार विश्वास की संलिप्तता सामने आने के बाद उक्त दम्पती ने सीआईडी के अधिकारियों से सम्पर्क किया था।

नर्सिंग होम में दी थी इलाज की सलाह

2014 में मछलंदपुर इलाका स्थित नर्सिंग होम में उक्त दम्पती को एक पुत्री हुई थी। जन्म के अगले दिन डॉ. तपन कुमार विश्वास ने उन्हें बताया था कि बच्ची के हार्ट में छिद्र है। उसका इलाज कोलकाता कराना पड़ेगा। तपन की सलाह पर दम्पती बच्ची को लेकर बेहला इलाका स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचे। वहां डॉ. नित्यानंद विश्वास और उनके एक सहयोगी के साथ इलाज शुरू किया। अगले दिन उन्होंने बताया कि बच्ची की मौत हो गई। उन्हें कपड़े में लपेटा हुआ एक मृत नवजात सौंप दिया गया।

उक्त बच्ची को बेचने का अनुमान

उन्हें आशंका है कि उनकी बच्ची की मौत नहीं हुई थी। उनकी बच्ची को बेच दिया गया है। इस बारे में सीआईडी ने तपन विश्वास से कड़ी पूछताछ की। उनसे पूछताछ में डॉ. नित्यानंद एवं उसके एक अन्य सहयोगी का नाम मिला। सीआईडी अधिकारियों के अनुसार अब तक की जांच के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि दम्पती की आशंका सही है। उनकी बच्ची को उक्त तीनों ने बेच दिया है।

कई डॉक्टर और नर्सिंग होम रडार पर

एडीजी सीआईडी राजेश कुमार ने बताया कि नवजात तस्करी के मामले में अभी कई डॉक्टर और नर्सिंग होम सीआईडी के रडार पर हैं। अभी और गिरफ्तारी संभव है।

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