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बोर्ड परीक्षा : सुरक्षा में दम नहीं, जोखिम में शिक्षक ले जाते हैं प्रश्नपत्र

Updated: IST Board exam: not sustain security, risk lead teache
सीजी बोर्ड के प्रश्नपत्रों को थाने से परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश हैं। परीक्षा की गोपनीयता के लिए यह जरूरी भी है लेकिन शासन के निर्देशों के अनुरूप हकीकत में सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था दिखायी नहीं पड़ती है।

कोरबा. सीजी बोर्ड के प्रश्नपत्रों को थाने से परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश हैं। परीक्षा की गोपनीयता के लिए यह जरूरी भी है लेकिन शासन के निर्देशों के अनुरूप हकीकत में सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था दिखायी नहीं पड़ती है।

10 फरवरी से शुरू हुई हाईस्कूल व 14 फरवरी से हायरसेकेंडरी की परीक्षा के लिए पहले जहां गोपनीय सामग्री के थाना-चौकियों तक पहुंचाने में लापरवाही बरती गई और अब थानों से केन्द्रों तक प्रश्नपत्र ले जाने में भी सावधानी नहीं बरती जा रही है। बोर्ड के प्रश्नपत्रों के पैकेट ले जाने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों ने बैठक लेकर निर्देश भी दिए थे। बुधवार को 10वीं बोर्ड का सामाजिक विज्ञान का पेपर था। परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले थाने से प्रश्नपत्रों को परीक्षा केन्द्र तक लाने की जवाबदारी होती है।

बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था को धता बताने वाले नजारे दिखे।

बालको थाने में गोढ़ी, अजगरबहार, कन्या स्कूल बालको, बालक स्कूल बालको, आदर्श स्कूल बालको के प्रश्नपत्रों के लिफाफे रखे गए हैं। सुबह जब प्रश्नपत्र लेने केन्द्र प्रभारी पहुंचे। तो बगैर सुरक्षा व्यवस्था के थे। बालको से 15 किलोमीटर दूर अजगरबहार केन्द्र के प्रभारी के पास सिर्फ एक जवान था। वह भी बगैर शस्त्र का था। यहां तक की उसके बाद लाठी तक नहीं थी जबकि 15 किलोमीटर दूर सुनसान पहाड़ी रास्ते सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा है। इसी तरह गोढ़ी परीक्षा केन्द्र के लिए आए केन्द्र प्रभारी बाइक में पहुंचे। दो लोग पहुंचे। इनके पास भी एक जवान था। लेकिन निहत्था। ऐसे में 10 किलेामीटर दूर गोढ़ी तक पहुंचने में भी अप्रिय घटना हो सकती है।

अकेले ही पहुंच गए- बालको बालक, बालको बालिका व आदर्श स्कूल के केन्द्र थाने से लगे हुए हैं। इसलिए बगैर किसी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी प्रश्नपत्र केन्द्र लेकर पहुंचे। कोई थैले में भरकर तो डिक्की में भरकर ले गए।

दूरदराज केन्द तक ले जा रहे जवानों के पास वायरलेस नहीं- अजगरबहार व गोढ़ी तक रास्ते में कई जगह नेटवर्क नहीं पड़ता। ऐसे में अगर घटना घट जाती है तो जवान के पास वायरलेस भी नहीं की सूचना दे सकें। अगर गाड़ी ही पंचर या खराब हो जाएं तो परेशानी बढ़ जाएगी।

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