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कोयला उत्पादन बढ़ाने के आवेदन पर नहीं हो रही सुनवाई

Updated: IST Increase coal production at the hearing of the app
एसईसीएल द्वारा कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुमति का आवेदन लगाया गया है। इस पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है।

कोरबा. एसईसीएल द्वारा कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुमति का आवेदन लगाया गया है। इस पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है।

इधर वित्तीय वर्ष की समाप्ति की तिथि नजदीक आते ही एसईसीएल की चिंता बढ़ गई है। लक्ष्य को लेकर कंपनी परेशान है।

जल्दी अनुमति नहीं मिलने पर खदानों का उत्पादन नहीं बढ़ पाएगा। पिछले वर्ष की तरह ही कोयला उत्खनन करना होगा। लक्ष्य अधिक होने से कंपनी पीछे रह जाएगी।

कोल इंडिया की बड़ी अनुषांगिक कंपनी एसईसीएल है। इस कंपनी की बड़ी खदान गेवरा, दीपका व कुसमंडा जिले मेंं संचालित है। इन तीनों खदानों का विस्तार होना है।

कुसमुंडा अभी 26.2 मिलियन टन उत्पादन पर है। यह खदान 62 मिलियन टन की बनेगी। गेवरा 41 मिलियन टन उत्पादन कर रही है। आगे चलकर 70 मिलियन टन कोयला उत्खनन होना है।

दीपका का उत्पादन 31 मिलियन टन से बढ़कर 35 मिलियन टन करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है। खासकर गेवरा के लिए प्रयास किया जा रहा है।

आवेदन पर अब तक सुनवाई नहीं हो पाई है। इससे एसईसीएल की चिंता बढ़ गई है। गेवरा के बड़ी खदान होने से अधिक कोयला उत्खनन की उम्मीद की जा रही है।

इधर वित्तीय वर्ष की समाप्ति की तिथि नजदीक आ रही है। कंपनी को अभी भी भरोसा है कि गेवरा खदान को अधिक उत्पादन की अनुमति मिल जाएगी।

इसके बाद खदान में 45 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जाएगा। दो मिलियन टन अधिक उत्पादन कुसमुंडा में होगा। छह मिलियन टन अधिक उत्पादन होने पर एसईसीएल के लक्ष्य की पूर्ति हो जाएगी।

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