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500 के नए नोट के लिए अभी एक सप्ताह और करना पड़ेगा इंतजार

Updated: IST bank management system
ऐसे में व्यवसायी हों या किसान सभी लोग 500 के नए नोट बाजार में आने का बेसब्री से इंतजार है।बैंकों के पास कैश या चिल्हर उपलब्ध नहीं होने कारण अब ज्यादातर एटीएम भी ड्राई हो चुके हैं।

कोरबा. चिल्हर की किल्लत से जूझ रहे मार्केट को जल्द ही राहत मिल सकती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार आने वाले एक सप्ताह के भीतर बैंको में 500 रूपए के नए नोट उपलब्ध होने की पूरी संभावना है।

500 और 1000 हजार के पुराने नोट प्रचलन से बाहर होने के बाद पूरी अर्थव्यवस्था 100 के नोट पर आ टिकी है। पर्याप्त संख्या में चिल्हर नहीं होने के कारण 2000 रुपए के नोट प्रचलन में होने के बावजूद परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।

ऐसे में व्यवसायी हों या किसान सभी लोग 500 के नए नोट बाजार में आने का बेसब्री से इंतजार है।बैंकों के पास कैश या चिल्हर उपलब्ध नहीं होने कारण अब ज्यादातर एटीएम भी ड्राई हो चुके हैं। ऐसे में जनता परेशान है और अब तक उसे इस समस्या से निपटने के लिए बैंक प्रबंधन स्तर से ठोस विकल्प नहीं मिल रहा है।

आने सप्ताह भर के भीतर बैंक से 500 रूपए के नए नोट मिलने की संभावना है। ऐसी जानकारी मिली है कि नए नोट सप्ताह भर के भीतर जिले में पहुंचा दिए जाएंगे।

सुरेन्द्र शाह, लीड बैंक प्रबंधक

किसी ने भी जमा नहीं किया बिल फिर कैसे मिलेंगे 10 हजार एडवांस

नोटबंदी से कैश उपलब्धता की परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने तृतीय व चतुर्थ वर्ग के शासकीाय कर्मचारियों के साथ ही शिक्षक(पंचायत) को वेतन एडवांस में नगद भुगतान करने का आदेश दिया था। सरकारी आदेश के बावजूद कैश भुगतान के लिए अब किसी भी डीडीओ ने जिला कोषालय में बिल जमा नहीं किया है। 28 से 30 नवंबर के मध्य वेतन राशि से 10 हजार रूपए एडवांस नगद दिया जाना है। लेकिनइ बिल प्रस्तुत नहीं होने की वजह से पहले एक भी कर्मचारी को नगद भुगतान नहीं हों सका है।

नगद भुगतान होने के बाद वेतन की शेष राशि पूर्ववत व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के खातों में जमा होगी।

जो कर्मचारी नवंबर माह के वेतन में से 10 हजार रूपए नगद प्राप्त नहीं करना चाहते उन्हें निर्धारित प्रारूप में ऑप्शन फॉर्म भरकर अपने डीडीओ या विभाग प्रमुख को देना होगा। यह फॉर्म जिला कोषालय में उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया को पूरा करने में देरी हो रही है।

जिले में कुल 111 ऐसे जिला अधिकारी जिनके पास डीडीओ पावर (आहरण वितरण का अधिकार) है । इन्हीं के माध्यम से महीने की उपस्थिति पंजी व वेतन जारी करने की अन्य कागजी प्रक्रिया पूरी की जाती है। अंत में बिल बनाकर इसे जिला कोषालय भेजा जाता है। जहां से कर्मचारियों के खाते में राशि हस्तांतरित की जाती है।

किसी भी डीडीओ ने बिल जमा नहीं किया है। जिसके कारण किसी को भी नगद भुगतान नहीं हो सका है। बिल जमा होने के बाद ही संबंधित डीडीओ के खाते में राशि हस्तांतरित होगी। जहां से वह कर्मचारियों को नगद भुगतान करेंगे।

जीएस जागृति, जिला कोषालय अधिकारी

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