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शादियां 13 दिसंबर तक, फिर लगेगी एक महीने की रोक

Updated: IST Marriages to 13th December, will then stop for a m
शादी का सीजन शुरू होते ही पूरे शहर में रौनक बनी हुई है। देवउठनी के साथ शुरू हुए विवाह मुहूर्त 13 दिसंबर तक बने रहेंगे, लेकिन इसके बाद फिर विवाह मुहूर्तों में एक माह का ब्रेक लग जाएगा।

कोरबा. शादी का सीजन शुरू होते ही पूरे शहर में रौनक बनी हुई है। देवउठनी के साथ शुरू हुए विवाह मुहूर्त 13 दिसंबर तक बने रहेंगे, लेकिन इसके बाद फिर विवाह मुहूर्तों में एक माह का ब्रेक लग जाएगा।

यानी एक महीने की अवधि में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। 14 दिसंबर को सूर्य ग्रह, धनु राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास शुरू हो जाएगा। इससे शादी विवाह के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे।

इसके बाद 15 जनवरी से आरंभ होने वाले विवाहों का सिलसिला 13 मार्च तक चलेगा। इसके बाद 14 मार्च से 17 अप्रैल पुन: खरमास लगेगा।

देवउठनी के बाद से शहर में विवाहों का सिलसिला शुरू हो गया है। ज्योतिषिर्यों के अनुसार 13 दिसंबर तक विवाह के मुहूर्त प्राप्त होंगे। 14 दिसंबर से पौष माह अर्थात खरमास की शुरुआत होगी और विवाह मुहूर्तों पर 15 जनवरी तक के लिए विराम लगा जाएगा।

14 जनवरी को खरमास की समाप्ति होगी। जब भी सूर्यदेव का गोचर देव गुरु बृहस्पति की धनु-राशि में होता है, तब यह अवधि खरमास कहलाती है। 14 दिसंबर से 14 जनवरी तक सूर्यदेव बृहस्पति की धनु-राशि में रहेंगे।

इस अवधि में विवाह के साथ-साथ अन्य शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, भूमि पूजन, नवीन प्रतिष्ठानों का उद्घाटन भी नहीं कर पाएंगे। इसके बाद 15 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त निकलेंगे। 15 जनवरी से से आरंभ होने वाले विवाहों का सिलसिला 13 मार्च तक चलता रहेगा।

इस वर्ष अक्षय तृतीय व वसंत पंचमी पर गूंजेगी शहनाई

पंडित राजेन्द्र धर दीवान ने बताया की 1 फरवरी 2017 को वसंत पंचमी और 28 अप्रैल को संपन्न होने वाला अक्षय तृतीया के पर्व में भी इस वर्ष विवाह के सर्वश्रेष्ठ व शुभ मुहूर्त रहेंगे। पिछले कुछ वर्षों से वसंत पंचमी और अक्षय तृतीया में शादियां संपन्न नहीं हो रहीं थीं। परंतु 2017 में इन दोनों तिथियों में शादियां होंगी।

14 मार्च से 17 अप्रैल तक फिर लगेगा ब्रेक

15 जनवरी से शुरू होने वाले विवाहों का सिलसिला 13 मार्च तक चलेगा। इसके बाद पुन: 14 मार्च से 17 अप्रैल तक के लिए ब्रेक लग जाएगा। क्योंकि 14 मार्च से सूर्यदेव पुन: बृहस्पति के मीन-राशि में गोचर करेंगे और 17 अप्रैल तक रहेंगे।

यह अवधि भी खरमास कहलाएगी। वहीं 18 अप्रैल से विवाहों का सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा। 18 अप्रैल से 2 जुलाई तक विवाह संपन्न होंगे। 3 जुलाई को देवशयनी एकादशी से विवाहों का मुहूर्तों पर फिर नवंबर 2017 तक के लिए विराम लगेगा।

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