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सावधान! छेना रसगुल्ला, खोवा व पेड़ा खाने के हैं शौकिन तो जान ले ये बातें...

Updated: IST Rasgulle
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने डेढ़ साल में लिए 53 सैंपल, जांच में 6 सैंपल अमानक पाए गए, छेना-रसगुल्ला, गाय दूध, टॉप एंड टाउन आइसक्रीम व खोवा-पेड़ा जांच में फेल

बैकुंठपुर. होटलों से आप जो छेना रसगुल्ला, खोवा, पेड़ा सहित अन्य खाद्य सामग्रियां खरीदकर खाते है और परिवार को खिलाते हैं, वे मानक पर कितने खरे हैं। शायद यह आपको पता नहीं हो पाता होगा। खाने की होड़ में तरह-तरह की मिठाइयां हम खरीद तो लेते हैं लेकिन उसकी गुणवत्ता कैसी है इस पर ध्यान नहीं देते हैं और अनचाही बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।

लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से हमारे लिए ये सब जानना काफी आवश्यक है। कोरिया जिले के होटलों से पिछले दिनों ऐसी ही मिठाइयों व अन्य खाद्य सामग्रियों के सैंपल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लिए गए। इसमें कई लैब की जांच में अमानक पाए गए।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में छेना, रसगुल्ला, दूध, अरहर दाल, खोवा, पेडा के सैंपल फेल और ड्रिकिंग वाटर एक्वाफिन, अंकल चक्की फेस आटा, लिज्जत पापड़ मिस ब्रांड पाए गए। मामले में चार प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं और तीन प्रकरणों पर जांच जारी है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अगस्त 2015 से दिसंबर 2016 तक कोरिया के हॉटल्स, दुकान से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने के लिए 53 सैंपल लिया था। सैंपल की जांच करने के लिए रायपुर भेजा गया था। जिसमें 6 सैंपल अमानक और तीन सैंपल मिस ब्रांडिंग पाए गए हैं।

मामले में विभाग ने अपर कलेक्टर बैकुंठपुर न्यायालय में चार प्रकरणों को प्रस्तुत किया गया है और तीन प्रकरणों में जांच जारी है। गौरतलब है कि हॉटल्स, दुकान सहित अन्य शॉप में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने के लिए हर महीने करीब 4-5 सैंपल लेकर रायपुर भेजा जा रहा है।

अमानक मिलने पर 3-5 लाख जुर्माना

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार जांच में खाद्य सामग्री अमानक पाए जाने पर 3-5 लाख जुर्माना और मिस ब्रांडिंग सामग्री मिलने पर 1-3 लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान है। मामले में अपर कलेक्टर बैकुंठपुर के न्यायालय सुनवाई होती है।

दिसंबर में चार सैंपल भेजे गए

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दिसंबर महीने में जांच करने के लिए चार सैंपल भेजे हैं। जिसमें नेशले मंच, अरहर की पकी दाल, सर्वेश्री मसाला और टाटा अग्नि चाय शामिल हैं। नेशसले मंच चॉकलेट की रिपोर्ट मिल चुकी है। जबकि तीन सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।

रेड लेबल चायपत्ती की भी जांच

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा कोरिया के किराना दुकानों में भी अमानक रेड लेबल चायपत्ती का सैंपल खोजा गया। विभाग ने रेड लेबल चायपत्ती की ब्रांड कोड जेबी2, 1 अपै्रल 2016 को अमानक घोषित किया है। लेकिन रेड लेबल की उक्त ब्रांड की चायपत्ती का कहीं भी स्टॉक नहीं मिल पाया है।

यहां से लिए गए थे सैंपल

छेना-रसगुल्ला -बैकुंठपुर

टॉप एंड टाउन आइसक्रीम -बैकुंठपुर

गाय का दूध -बैकुंठपुर

अरहर दाल -बैकुंठपुर

खोवा -चरचा कॉलरी

पेडा -मनेंद्रगढ़

ये मिले मिस ब्रांडिंग खाद्य सामग्री

एक्वाफिन डिं्रकिंग वाटर।

अंकल चक्की फ्रेश आटा।

लिज्जत पापड़।

लगातार लिए जा रहे सैंपल

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा हर महीने खाद्य सामग्री का 4-5 सैंपल लेकर जांच करने रायपुर भेजा जा रहा है। वर्तमान में 53 सैंपल लेकर जांच करने भेजा गया था। जिसमें 41 सैंपल सही पाए गए हैं। जबकि 6 सैंपल अवमानक और तीन सैंपल मिस ब्रांडिंग मिले हैं। दुकानदारों को खाद्य सामग्री खरीदते समय बिल जरूर लेनी चाहिए। जिससे बिल सहित अन्य दस्तावेज होने से अमानक पाए जाने पर डिस्ट्रीब्यूटर व कंपनी को भी पार्टी बनाया जा सकेगा।

सागर दत्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बैकुंठपुर

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