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...तो यहां से बंद हो जाएगा काले हीरे का उत्पादन, 6 महीने का मिला अल्टीमेटम

Updated: IST meet of SECL officers
सरकार की निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित निगरानी समिति के अध्यक्ष ने चिरमिरी स्थित भूमिगत खदान व ओसी को बंद करने एसईसीएल को दी चेतावनी

चिरमिरी. शहर में संचालित एसईसीएल की भूमिगत व खुली खदानों की सही जानकारी से मुखातिब होने एवं शहर की कुल 989.400 हेक्टेयर में भारत सरकार की अधिरोपित 20 शर्तों के परिपालन की सतत निगरानी के लिए उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित निगरानी समिति के अध्यक्ष व छग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भू प्रबंधक संरक्षण अधिनियम के नोडल अधिकारी मुदित कुमार सिंह की उपस्थिति में समीक्षा बैठक हुई।

इसमें सरगुजा वनवृत्त के मुख्य वन संरक्षक प्रेम कुमार, कोरिया डीएफओ एवं सदस्य और याचिकाकर्ता रतन कुमार जैन, एसईसीएल चिरमिरी के मुख्य महाप्रबंधक के. सामल, चिरमिरी खुली खदान व भूमिगत खदान के उपक्षेत्रीय प्रबंधक सुधीर कुमार व एसईसीएल चिरमिरी माइनिंग अभियंता अक्षय बापट भी उपस्थित थे।

बैठक में चिरमिरी के मुख्य महाप्रबंधक ने अपनी ओर से सभी 20 शर्तों के पालन के प्रतिवेदन की रिपोर्ट उपस्थित अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों की दी। इसके बाद प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी शर्तों के पालन का सचित्र दिखाया गया। वहीं एसईसीएल के सीएसआर मद के तहत सभी संचालित खदानों के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में निवासरत शहर व ग्रामवासियों को नि:शुल्क गैस वितरण की शर्त पर प्रबंधन ने बताया कि अभी तक शहर के कच्चे मकान व अन्य खामियों के कारण केवल 20 ही कनेक्शन दिए गए हैं।

इस पर अध्यक्ष मुदित कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा की आप शर्तों के अनुसार स्थानीय गरीबों को पक्के आवास के साथ गैस कनेक्शन उपलब्ध कराएं। वहीं बैठक में उपस्थित समिति के सदस्य रतन जैन ने शर्तों का पालन सही नहीं किए जाने पर कहा की आपके द्वारा वर्ष 1984 से खदानों का संचालन क्षेत्र में किया जा रहा है।

आपके द्वारा अभी तक कितना रिक्लेमेशन, ओवर वाडन को समतल कर वृक्ष लगाना और राज्य सरकार को वापस करना है। इस प्रश्न का भी संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने व कई शर्तों का पालन नहीं किये जाने पर समिति के अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी शर्तों का पालन करने के लिए एसईसीएल चिरमिरी को अगस्त 2017 तक का समय उपस्थित प्रबंधक की मांग पर दिया।

साथ ही यह स्पष्ट किया कि इन 6 माह में 20 शर्तों का पालन सही तरीके से नहीं किया जाता है तो न्यायालय के निर्देश अनुसार चिरमिरी की भूमिगत खदान व चिरमिरी ओसी अर्थात 989.400 हेक्टेयर में संचालित सभी खदानें बंद कर दी जाएंगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल की होगी। अध्यक्ष ने कहा पर्यावरण की कीमत पर खदान चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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