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भरी महफिल में Doctor की फिसली जुबान, Collector को कहा- 'अरे', फिर हुआ ये...

Updated: IST Collector in lok suraj camp
लोक सुराज शिविर में ग्रामीणों ने वेटनरी डॉक्टर पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, पुलिस ने मंच पर किया था तलब, नाराज कलक्टर ने कराई 151 की कार्रवाई

बैकुंठपुर/बचरापोंड़ी. जनकपुर में आयोजित लोक सुराज शिविर में ग्रामीणों ने वेटनरी डॉक्टर के मुख्यालय नहीं रहने और मवेशियों के शवों का पीएम करने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत की। मामले में कलेक्टर ने तत्काल डॉक्टर को मंच पर तलब कर जवाब मांगा। इस दौरान डॉक्टर ने जवाब देते समय 'अरे' शब्द को उपयोग कर डाला। इससे कलेक्टर जमकर नाराज हो गए और पुलिस को धारा 151 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कोरिया जिले के जनकपुर में 'लक्ष्य समाधान का' शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कलस्टर जनकपुर सहित पतवारी, भरतपुर, बरहौली, सेमरिहा, कुंवारी, भगवानपुर, अक्तवार और च्यूल ग्राम पंचायत के ग्रामीण एवं पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा से शिकायत कर पशु चिकित्सालय में पदस्थ वेटनरी डॉक्टर डॉ. के. शर्मा के मुख्यालय नहीं रहने और मवेशियों के शवों को पीएम करने के लिए 500 से 1000 रुपए तक रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।

मामले में कलेक्टर ने तत्काल वेटनरी डॉक्टर को मंच पर तलब कर फटकार लगाई और जवाब मांगा। इस दौरान वेटनरी डॉक्टर ने जवाब देते समय 'अरे' शब्द का उपयोग कर दिया। यह सुन कलेक्टर नाराज हो गए और मामले में पुलिस को धारा 151 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के निर्देश पर वेटनरी डॉक्टर को पकडऩे के लिए पुलिस खड़ी हो गई और ग्रामीणों का बयान लेकर डॉक्टर को छोड़ दिया गया। संसदीय सचिव चंपादेवी पावले की उपस्थिति में 1156 आवेदन में 808 का निराकरण की जानकारी दी गई।

इस दौरान संसदीय सचिव पावले ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कलस्टर जनकपुर के 441 ग्रामीणों ने आवास के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें 80 हितग्राहियों को आवास के लिए पात्र पाया गया है।

निलंबित पटवारी पर रिश्वत मांगने की दूसरी शिकायत

ग्राम पंचायत जिल्दा में शुक्रवार को आयोजित लोक सुराज में 12 हजार रुपए रिश्वत लेने वाले पटवारी अमीर साय उईके की एक अन्य मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोपी पटवारी ने ग्राम सागरपुर निवास राम प्रसाद यादव सागरपुर से वन अधिकार पत्रक के नाम पर 40000 रुपए मांगी थी। जिसमें राम प्रसाद ने 13 हजार रुपए देने की बात कही है।

शिविर में गुलाब सिंह ने शिकायत कर बताया कि 1995 से फौती चढ़वाने के लिए पटवारी व तहसील के चक्कर लगा कर थक गया है। लेकिन आज तक फौती नहीं चढ़ पाया है। मामले में श्रममंत्री भइयालाल राजवाड़े ने पटवारी को तत्काल नाम जोडऩे के निर्देश दिए। इस पर पटवारी ने रिकार्ड मिलान कर नाम जोड़ दिया है।

जानकारी के अनुसार आरोपी पटवारी कुछ साल पहले सूरजपुर जिले में पदस्थ थे। इस दौरान रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था। बहाल होने के बाद पटवारी को सूरजपुर से कोरिया के खडगवां ब्लाक के अमका, बैमा, सागरपुर हल्का नंबर में पदस्थ किया गया था।

मंत्री की समझाइश पर अमल नही, सुपरवाइजर निलंबित

जिल्दा सुराज अभियान में आगनबाड़ी कार्यकर्ता व सेक्टर सुपरवाइजर की मुख्यालय में नहीं रहने की शिकायत की थी। ग्रामीणों ने बताया कि आगनबाड़ी बड़े साल्ही के रताजीपारा में लगभग 10 महीने से कार्यकर्ता नही आ रही है और न ही सेक्टर सुपरवाईजर मुख्यालय में रहती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मामले में 18 अपै्रल के शिविर में श्रममंत्री राजवाड़े ने सेक्टर सुपरवाइजर को समझाइश दी और आगनबाड़ी कार्यकर्ता को ड्यूटी पर आने को कहा था। लेकिन सेक्टर सुपरवाइजर ने मंत्री की समझाइश को नजरअंदाज किया था। ग्रामीणों ने जिल्दा शिविर में दोबारा शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई। मामले में सिस्टन लकड़ा सेक्टर सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया गया है।

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