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आखिर क्या हुआ इन नन्हें Player's के साथ कि सभी बीच जंगल में मिले रोते

Updated: IST student crying in forest
शिक्षक द्वारा बच्चों के लिए ले स्कूल से 12 किमी दूर ले जाया गया था प्रतियोगिता में खिलाने, वापसी के दौरान उनके लिए नहीं की गई थी कोई व्यवस्था

मनेन्द्रगढ़. शिक्षक की लापरवाही से खेलकूद के लिए ले जाए गए बच्चेे बिहारपुर के जंगल में रोते-बिलखते पाए गए। शिक्षक द्वारा उन्हें घर पहुंचाने के लिए न तो कोई व्यवस्था की गई थी और न हीं उन्हें किराया दिया गया था। बाद में सभी बच्चों को वहां से गुजर रहे जनप्रतिनिधियों एवं राहगीरों की मदद से सकुशल उनके घर तक पहुंचाया गया।

कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित प्राइमरी स्कूल घुटरा के बच्चों को शिक्षकों की देखरेख में खेलकूद के लिए बुधवार को स्कूल से 12 किलोमीटर दूर बिहारपुर ले जाया गया था। खेल में शिरकत करने के बाद शिक्षकों द्वारा बच्चों को घुटरा वापस लाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई और उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।

स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को किराया भी उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं लापरवाही का परिचय देते हुए शिक्षक खुद तो आयोजन स्थल से निकल गए लेकिन बच्चों की उन्होंने कोई फिक्र नहीं की। बच्चों के पास भी किराया नहीं होने के कारण वे रोते-बिलखते पैदल वापस अपने घर आ रहे थे। वे बिहारपुर जंगल तक किसी तरह पहुंचे थे।

तभी शाम लगभग 5.30 बजे जंगल में भाजपा केल्हारी मण्डल महामंत्री परमानंद यादव, युवा मोर्चा मंत्री निर्मल राय, राजेश सिंह एवं अन्य राहगीरों ने बच्चों को रोते पैदल घर जाते हुए देखा तो उनके द्वारा बोलेरो वाहन से बच्चों को सकुशल उनके घर तक पहुंचाया गया।

शिक्षक की लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम प्रदीप साहू ने विकासखण्ड शिक्षाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया है।

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