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'घर वापसी' की खातिर एकजुट हुई 'अखिलेश की टीम’, फिर उठी विरोध की आवाज!

Updated: IST Akhilesh, Shivpal, Mulayam
मुलायम, अखिलेश और शिवपाल की मीटिंग में नहीं बनी बात, सपा में फिर उठी विरोध की आवाज

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। एक गांठ सुलझने से पहले दूसरी गांठ बनने लगती है। सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने चल रहे झगड़े को समाप्त करने की पहल की और शिवपाल-अखिलेश के साथ लंबी बैठक की। बैठक के बाद ऐसा लगा कि अब सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन, मंगलवार को अप्रत्याशित रूप से टीम अखिलेश ने समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह का बॉयकॉट करने का फैसला ले लिया। इससे पहले अखिलेश के भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने की खबरें चल रही थीं लेकिन मुलायम की मीटिंग के बाद तय हुआ था कि कार्यक्रम के मंच से पार्टी एकता का संदेश देगी।

ट्रस्ट के दफ्तर में हुई बैठक

अखिलेश के समर्थक माने जाने वाले कई विधायक, विधान परिषद सदस्य और अन्य सपा नेताओं ने मंगलवार को जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के ऑफिस में बैठक की। बैठक में तय किया गया कि जब तक सपा से निष्काषित अखिलेश समर्थक युवा नेताओं की पार्टी में वापसी नहीं होती वे किसी भी समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे।इस बैठक की अगुवाई सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल सत्यवीर सिंह यादव ने की थी।

याद दिलाई माया से टक्कर की बात

बैठक के दौरान इस बात को भी रखा गया कि जब सपा विपक्ष में थी और राज्य में मायावती की सरकार थी तो इन्हीं नेताओं ने सपा का झंडा थाम रखा था। बसपा सरकार के दौरान जिन नेताओं ने अत्याचार सहे और लठियां खाईं अब उन्हीं को पार्टी से बाहर कर दिया गया।

वापसी की खातिर चलेगा अभियान

बैठक के दौरान यह भी तय किया गया है कि सपा से निष्कासन के खिलाफ अब पूरे प्रदेश में युवा नेता हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। इस प्रस्ताव पर एमएलसी संतोष यादव 'सनी', विधायक अरुण वर्मा, एमएलसी उदयवीर सिंह, युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव जुगुल किशोर वाल्मीकी, पूर्व प्रदेश महासचिव राहुल सिंह, पूर्व प्रदेश महासचिव अरुण यादव, पूर्व उपाध्यक्ष कार्तिक तिवारी शैलू, लोहिया वाहिनी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप तिवारी, छात्रसभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश यादव और अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.फिदा हुसैन अंसारी समेत कई लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

मुलायम ने नहीं मानी अखिलेश की बात

बताया जा रहा है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश और मंत्री शिवपाल के साथ मीटिंग की थी। बैठक में कई मुद‌्दों पर बात हुई पर युवा नेताओं की वापसी और सीएम के टिकट वितरण के अधिकार को लेकर सहमति नहीं बन सकी। युवा नेताओं को मंगलवार को जब यह जानकारी मिली तो उन्होंने रजत जयंती समारोह के बहिष्कार का फैसला लिया।

खराब होगी अखिलेश की छवि

मुलायम सिंह यादव ने खुद पार्टी के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती समारोह मनाने का ऐलान किया था। ऐसे में टीम अखिलेश के ऐलान पर सपा सूत्रों का कहना है कि यूथ विंग ने इस बार सीधे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को चुनौती दी है। लोगों का मानना है कि इस समारोह के बहिष्कार का ऐलान कर युवा टीम सीएम की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।

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