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'दंगल' भूल एकजुट हुआ यादव परिवार, देखें तस्वीरें

Updated: IST dimple aparna
एक वक्त पर पूरा यादव परिवार दो खेमों में बंटा दिखाई दे रहा था लेकिन चुनाव आते ही सत्ता की चाह ने परिवार को एकजुट कर दिया।

प्रशांत श्रीवास्तव, लखनऊ. एक वक्त पर यूपी के सबसे बड़े सियासी कुनबे यादव परिवार में मचे घमासान ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर केंद्रित कर लिया था। पूरा परिवार दो खेमों में बंटा दिखाई दे रहा था लेकिन चुनाव आते ही सत्ता की चाह ने परिवार को एकजुट कर दिया। इस कड़ी में सीएम अखिलेश यादव और उनकी पत्नी व सांसद डिंपल व परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव अहम भूमिका निभा रही हैं। परिवार के सदस्यों के ये जमकर प्रचार कर रहे हैं।

छोटी बहू के लिए मैदान में आए ससुर जी

कैंट से सपा-कांग्रेस की संयुक्त प्रत्याशी व यादव परिवार की छोटी बहू अपर्णा यादव के समर्थन में बुधवार को मुलायम सिंह यादव ने जनसभा की। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरी इज्जत का सवाल है, बहू को जिताना है। बड़ी उम्मीदों से बहू को चुनावी मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि पहले मैं डर रहा था लेकिन बहू की इच्छा राजनीति में आने की थी इसलिए हमने उन्हें मौका दिया।

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देवरानी के लिए आए जेठ व जेठानी

अपर्णा यादव के लिए बुधवार की शाम को जेठानी डिंपल भी वोट अपील करती नजर आईं। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए अपर्णा ने कहा कि भाभी का आशीर्वाद मिल गया अब तो जीत पक्की है। स्टेज पर दोनों के बीच की कैमिस्ट्री भी जनता को खूब भा रही थी।वहीं गुरुवार को सीएम अखिलेश यादव ने भी अपर्णा यादव के लिए जनसभा को संबोधित किया। कयास लगाए जा रहे थे कि प्रतीक यादव(अपर्णा के पति) से दूरियों के कारण अखिलेश कैंट में प्रचार नहीं करेंगे लेकिन उन्होंने अपने विरोधियों का करारा जवाब दिया।

छोटे भाई के लिए आए बड़े भाई

राजधानी के सरोजनीनगर क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे अनुराग यादव अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं। उनके प्रचार के लिए बुधवार को अखिलेश यादव ने जनसभा की। सूत्रों के मुताबिक अनुराग अखिलेश के कहने पर ही चुनावी मैदान में उतरे हैं। अनुराग पहले इंजीनियर के तौर पर एक निजी कंपनी में कार्यत थे। वहीं गुरुवार को भाभी डिंपल यादव ने भी अनुराग के लिए जनसभा को संबोधित किया।

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एक चाचा प्लानिंग में तो दूसरे क्षेत्र में

यादव परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव अपने छोटे भाई शिवपाल यादव के समर्थन में रैली करने जसवंत नगर गए थे। हालांकि शिवपाल अभी भी साइडलाइन दिख रहे हैं। उनका ध्यान अभी केवल उनके विधानसभा क्षेत्र पर है। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव चुनाव प्रचार में तो नहीं दिखे लेकिन वह पूरे प्रचार की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।

इटावा से ज्यादा लखनऊ पर फोकस

यूं तो तीसरे चरण में इटावा में भी चुनाव होना लेकिन यादव परिवार को फोकस फिलहाल लखनऊ में ज्यादा दिख रहा है। जानकार इसका कारण परिवार के दो सदस्यों का पहली बार चुनावी मैदान में उतरना मान रहे हैं।

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