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सपा में उत्तराधिकार की लड़ाई हुई और तेज, मुलायम ने बुलाई अहम बैठक

Updated: IST Akhilesh Mulayam
अखिलेश यादव द्वारा मुलायम सिंह यादव को लिखे गए चुनावी खत के बाद एक बार फिर समाजवादी पार्टी में दरारे पड़ने लगी हैं।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में चल रही उत्तराधिकार की लड़ाई और तेज हो गई है। बुधवार को तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोषणा कर दी कि वह 3 नवम्बर से निकलने वाले समाजवादी रथ यात्रा में व्यस्त रहने के कारण सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल नही हो पाएंगे। इस आशय का पत्र उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को लिखा। इस पत्र के मिलने के बाद मुलायम सिंह ने 24 अक्टूबर को पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों की विशेष बैठक बुला ली। माना जा है कि यदि पार्टी के एमएलए और सांसद मुलायम के साथ हुए तो अखिलेश को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है।

बुधवार की सुबह एक कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने सवाल किया कि वे 22 अक्टूबर और 5 नवम्बर को आयोजित पार्टी के समारोह में शामिल हो रहे हैं ? तो सीएम ने इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया था। बताया जा रहा है कि पार्टी महा सचिव राम गोपाल यादव ने मुलायम सिंह से मुलाकात के बाद सुलह की कोशिश की। लेकिन कोई नतीजा न निकलने पर वे दिल्ली चले गए। मुलायम सिंह भी दिल्ली चले गए हैं।

इसके पहले मंगलवार को मुलायम से मिलकर सीएम ने सुलह के लिए 3 शर्ते रखी थीं। जिसमे पार्टी की युवा विंग के बर्खस्त नैताओं की वापसी, खुद को टिकट वितरण का अधिकार और पार्टी में अमर सिंह की कोई भूमिका न होने की बात सामिल थी। लेकिन शिवपाल ने इन शर्तों को मानने से इंकार कर दिया था।

सूत्रों के मुताबिक राम गोपाल यादव ने चुनांव आयुक्त से मिलकर नई पार्टी के गठन के सम्वन्ध में चर्चा की। बताया जा रहा है कि पार्टी गठन की प्रकिर्या पहले से चल रही थी। पार्टी का नाम राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी रखा जा रहा है। पार्टी का सिंबल मोटरसाइकिल रखे जाने की बात की जा रही है।

समाजावादी पार्टी अचानक तितर बितर होती दिख रही है और उसका सीधा असर प्रदेश सरकार और आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। आज और कल हुई निम्न घटनाओं से ये साफ होता है।

"मुलायम नहीं, अखिलेश हों अध्यक्ष"
अखिलेश के करीबी एमएलसी उदयवीर सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री जी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर उनका अपमान किया गया। उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए। मुलायम सिंह यादव जी को अखिलेश यादव के लिए अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।

टीम अखिलेश ने रजत जयंती समारोह का किया बॉयकॉट

मंगलवार को टीम अखिलेश ने समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह का बॉयकॉट करने का फैसला किया था। इस टीम से जुड़े कई एमएलए, एमएलसी और अन्य नेताओं ने मंगलवार को बैठक कर ये तय किया था कि जब तक युवा टीम के निष्कासित नेताओं की एसपी में वापसी नहीं होती है, वे किसी भी समारोह में भाग नहीं लेंगे।

अखिलेश ने किया विकास रथ को अकेले मैदान में उतारने का फैसला-

सीएम अखिलेश ने आज अपने पिता और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुुलायम सिंह यादव को खत लिखकर ये सूचित किया कि वो तीन नवम्बर से विकास रथ यात्रा लेकर निकलेंगे। जिसकी वजर से वो सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।

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