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अखिलेश के लखनऊ-आगरा हाइवे से महंगा होगा योगी का यह एक्सप्रेस-वे

Updated: IST Akhilesh Yogi
योगी के लखनऊ से गाजीपुर तक के सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे को बनाने में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे जो अखिलेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की लागत से कहीं ज्यादा हैं।

लखनऊ. जब अखिलेश यादव ने देश के सबसे लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया तो चारों तरफ इसके खूब चर्चे हुए। उस समय की समाजवादी पार्टी सरकार ने अखिलेश यादव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के सहारे जनता के बीच अपने विकास का जमकर ढिंढोरा पीटा। लेकिन जनता ने 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से सत्ता छीनकर बीजेपी को सौंप दी। सरकार बनाने के बाद बिना देर किए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ से गाजीपुर तक देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बनाए जाने की घोषणा कर दी। योगी सरकार अपने इस प्रोजेक्ट में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। जो अखिलेश यादव के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की लागत से कहीं ज्यादा है।

लखनऊ से गाजीपुर के बीच 353 किलोमीटर के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव अखिलेश यादव ने किया था। इसकी लागत 24,627 करोड़ (70 करोड़ रुपये प्रति किमी़) आंकी जा रही है, जबकि 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लागत 14,397 करोड़ (50 करोड़ रुपये प्रति किमी) थी। मतलब साफ है कि अखिलेश के प्रोजेक्ट से महंगा होगा सीएम योगी आदित्यनाथ का यह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे।

यूपी सरकार के एक उच्च अधिकारी ने कहा, 'जमीन अधिग्रहण की ऊंची लागत हमारे लिए एक बड़ा फैक्टर है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए तकरीबन 2,900 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन नए एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की खातिर 7,058 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत होगी। यूपी में उपजाऊ जमीन है और सरकार का इरादा किसानों को उनकी जमीन की अच्छी कीमत देने का है, इसलिए कीमत अधिक है।Ó

नहीं पाई गई गड़बड़ी
राज्य सरकार ने बताया कि पीपीपी भागीदारी के जरिए सड़क के अगल-बगल सुविधाओं को प्राइवेट पार्टियों को आउटसोर्स कर वह कुछ पैसा बचा लेगी। साथ ही, वाई-फाई सेवाओं के लिए एक्सप्रेसवे के साथ टेलीकॉम कंपनियों को ऑप्टिकल फाइबर बिछाने को कहा जाएगा। अधिकारी ने बताया, 'एक्सप्रेस-वे की कीमत 25,017 करोड़ होगी।Ó योगी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में किसी तरह की बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई है। अधिकारी ने बताया कि सरकार ने एक्सप्रेसवे के सभी 5 सेक्शन से सैंपल लिए और उन्हें संतोषकजनक पाया।

17 किलोमीटर का लिंक रोड होगा
नए एक्सप्रेसवे में अयोध्या तक 17 किलोमीटर का लिंक रोड होगा और वाराणसी में 12 किलोमीटर की ऐसी ही सड़क होगी। बीजेपी ने इस बात को लेकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आलोचना की थी कि वह समाजवादी पार्टी के मुखिया के गृह इलाके फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी और कन्नौज से गुजरता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को अगले 3 साल में बनाने की बात है।

पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं के लिए बढिय़ा रास्ता मिल सकेगा
छह लेन वाला यह एक्सप्रेसवे मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जो पहले ही नोएडा-आगरा (यमुना) एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। इससे यात्रियों को राज्य की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं के लिए बढिय़ा रास्ता मिल सकेगा और वहीं कम समय में अपने गंतव्य स्थान तक पर पहुंचना संभव हो सकेगा। यूपी सरकार कॉस्ट की रिकवरी के लिए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर जल्द टोल लगाएगी। अब राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा भी होने लगी है कि जो बीजेपी अखिलेश के आगरा-लखनऊ एक्स्प्रेस-वे को महंगा बता रही थी आज उसी की सरकार का प्रोजेक्ट अखिलेश के प्रोजेक्ट से मंहगा होगा।

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