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प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस को लेकर अभ्यर्थियों का SGPGI में हंगामा, ठप हुई काउंसिलिंग

Updated: IST private medical colleges counseling
छात्रों का कहना है कि सरकार ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के संचालकों के दबाव में आकर ये फैसला लिया है।

लखनऊ। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की बढ़ी फीस को लेकर करीब 15 हजार छात्र एसजीपीजीआई काउंसिलिंग स्थल पर हंगामा कर रहे हैं। जिससे काउंसिलिंग अभी शुरू नहीं हो पायी है। शासन की ओर से फिर से तय फीस में करीब 2 लाख की बढ़ोत्तरी से छात्र खफा हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के संचालकों के दबाव में आकर ये फैसला लिया है।

इस बारे में एसजीपीजीआई में चल रही काउंसिलिंग के पीआरओ जीसी पुरोहित ने बताया कि हंगामे के कारण अभी तक काउंसिलिंग शुरू नहीं की जा सकी है।

बताते चलें कि इस बार अखिलेश सरकार ने निजी मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर सरकारी शुल्क के तहत एडमिशन और बाकी सीटों के लिए एमबीबीएस के लिए 17 से 21 लाख और बीडीएस के लिए 5 से 6 लाख रुपये निर्धारित किये थे। राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ निजी मेडिकल कॉलेजों की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी।

याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को अपने फैसले पर एक बार और विचार करने की नसीहत दी थी। जिसके बाद शासन में एक बार फिर इसको लेकर निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधकों के साथ बैठक हुई। जिसके बाद 8.75 लाख से 10.75 लाख रुपये फीस का तय की गयी थी।

बताते चलें कि इससे पहले वर्ष 2005 में एमबीबीएस के लिए 4.10 लाख फीस निर्धारित की गयी थी लेकिन प्राइवेट मेडिकल कॉलेज इस पर भी राजी नहीं हुए। इसके बाद दोबारा हुई बैठक में फिर मेडिकल कॉलेज संचालक करीब 2 लाख फीस और बढ़वाने में सफल हो गए। जिसके बाद शासन ने एमबीबीएस के लिए 11.30 लाख रुपये व बीडीएस के लिए 3.25 लाख रुपये अंतरिम फीस घोषित की है। इसी बढ़ी फीस को लेकर छात्र हंगामा कर रहे हैं।

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