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चुनाव आयोग ने मुलायम-अखिलेश का तोड़ा सपना, साइकिल-मोटरसाइकिल पर लगाई ब्रेक 

Updated: IST mualayam
अगर अखिलेश को साइकिल पर सवारी करने को नहीं मिली तो वे दूसरे दल के निशान को अपना सकता है या स्वतंत्र निशान ले सकता हैं पर उसे मोटरसाइकिल निशान मिलना मुश्किल है।

लखनऊ। चुनाव निशान साइकिल पर अपनी दावेदारी ठोकने के लिए पिता पुत्र में घमासान जारी है। सूत्रों के मुताबिक साइकिल पर चुनाव आयोग आज शुक्रवार को अपना फैसला नहीं सुनाएगा। चुनाव आयोग में इसका फैसला सुरक्षित है। किसको साइकिल की सवारी करने को मिलेगी इस पर आज चुनाव आयोग का फैसला आना था। दोनों गुट 'साइकिल' सिंबल लेने पर अड़े हुए हैं। हालांकि, अगर अखिलेश को साइकिल पर सवारी करने को नहीं मिली तो वे दूसरे दल के निशान को अपना सकता है या स्वतंत्र निशान ले सकता हैं पर उसे मोटरसाइकिल निशान मिलना मुश्किल है।

आपको बता दें कि मुलायम सिंह के अनुसार रामगोपाल ने अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी व मोटरसाइकिल निशान आयोग से मांगा है लेकिन सूत्रों के मुताबिक कि मोटरसाइकिल सिंबल मिलना मुश्किल है क्योंकि यह साइकिल निशान से मिलता जुलता है। मिलते-जुलते निशान आयोग नहीं देता है।

वहीं आधी आबादी पार्टी की नेता अरुणा सिंह का कहना है कि उन्होंने तीन नवंबर को आयोग से मोटरसाइकिल, चाबी, रिक्शा व ट्रैक्टर निशान मांगा था लेकिन आयोग ने इस पर भी नामंजूरी जताई थी।

अरुणा सिंह ने कहा, हम लोगों की पार्टी को आयोग ने त्रिभुज निशान दिया है अगर अब मोटरसाइकिल निशान किसी और को दिया गया तो वह अपनी आपत्ति करेंगी और आरटीआई के जरिए जवाब भी मांगेंगी। उनका कहना है कि संभव है किसी दूसरे राज्य में मोटरसाइकिल किसी पार्टी को दे दिया गया हो।

अखिलेश जारी करेंगे घोषणापत्र

माना जा रहा है कि अखिलेश अपना घोषणापत्र निर्वाचन आयोग में पार्टी चुनाव निशान का मामला तय होने के फौरन बाद जारी करेंगे। यूपी चुनाव जीतकर दोबारा मुख्यमंत्री की गद्दी तक पहुंचने के लिए अखिलेश यादव ने अपना घोषणा पत्र लगभग तैयार कल लिया है। इस घोषणा पत्र में अखिलेश ने गांधी, लोहिया, जेपी और चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार करने का संकल्‍प लिया है। सीएम के घोषणा पत्र में गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और अल्पसंख्‍यकों पर खासा जोर दिया गया है। अखिलेश के घोषणा पत्र में तीन प्रक्‍सप्रेस वे का वाद किया गया है। अखिलेश ने अपने घोषणापत्र में समाजवादी स्‍मार्ट फोन का भी जिक्र किया है। 2012 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में लैपटाप और टैबलेट वितरित करने की तरह इस बार मुफ्त मोबाइल फोन बांटना अखिलेश यादव के घोषणा पत्र में मास्टर स्ट्रोक होगा।

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