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UP Election 2017

3 बजे-3 टेस्ट : चुनाव आयोग ने रखी शर्त, पढ़िए किसको मिलेगी साइकिल  

Updated: IST papa
अखिलेश गुट के वकील ने बयान दिया कि हमने पूरी ताकत से कपिल सिब्बल के नेतृत्व में आयोग में अपना पक्ष रखा है, उम्मीद है हमारे पक्ष में आयोग फैसला करेगा।

लखनऊ। साइकिल की सवारी करने के लिए पिता पुत्र में घमासान जोरों पर है। अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के खेमे के साइकिल पर बारी-बारी से दावा करने के बाद चुनाव आयोग आज फैसला करने वाला था। लेकिन सूत्रों के मुताबिक जो खबर आ रही है उसके मुताबिक चुनाव आयोग साइकिल को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है। मतलब चुनाव आयोग साइकिल पर आज अपना फैसला नहीं सुनाएगा।

वहीं अखिलेश गुट के वकील ने बयान दिया कि हमने पूरी ताकत से कपिल सिब्बल के नेतृत्व में आयोग में अपना पक्ष रखा है, उम्मीद है हमारे पक्ष में आयोग फैसला करेगा।

साइकिल के लिए दोनों पक्षों में जंग जारी है। आयोग के सामने दोनों गुटों ने अपने अपने मत भी रखे हैं लेकिन चुनाव आयोग के कानून के मुताबिक साइकिल सिम्बल किसको मिलेगा इसका उदाहरण 1969 में हुए कांग्रेस के बंटवारे से देखा जा सकता है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई के मुताबिक इसके तहत चुनाव आयोग दोनों गुटों के दस्तावेज जांचकर फैसला लेगा। दरअसल 1968 के सिंबल आदेश का पहला ट्रायल भी इसी के ज़रिये हुआ था, राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस दो समूहों में बंट गई थी। इंदिरा गांधी का गुट कांग्रेस 'जे' जिसकी अध्यक्षता पहले सी सुब्रह्मण्यम और बाद में जगजीवन राम ने की वहीं दूसरा ग्रुप कांग्रेस ‘ओ’ का था जिसका नेतृत्व एस निजलिंगप्पा ने किया। अब इसी अग्नि परीक्षा से सपा के दोनों गुटों को गुजरना पड़ेगा।

ये है पहला टेस्ट

दोनों गुट को साइकिल पाने के लिए संविधान के नियमों का पालन करना पड़ेगा। इसके अंतर्गत चुनाव आयोग देखेगा कि किस पार्टी ने संविधान के नियमों का उल्लंघन किया है। दोनो को मार्क्स देने के लिए चुनाव आयोग दस्तावेजों का सहारा लेगा। आपको बता दें, अखिलेश और मुलायम कैंप दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं कि दूसरे ने संविधान को ताक में रखा।

दूसरा टेस्ट में लक्ष्य और उद्देश्य के पालन की होगी परीक्षा
अखिलेश सरकार की उपलब्धियां गिना साईकल पर दावा कर सकते हैं तो वहीं मुलायम पार्टी की गतिविधियां दिखा खुद को सही साबित करने की कोशिश करेंगे।

तीसरा टेस्ट है बहुमत टेस्ट

सिंबल पाने के लिए ये फाइनल राऊंड होगा। इसके अंतर्गत चुनाव आयोग ये चेक करेगा की सपा के संगठन, लोकसभा और विधानसभा में किसके साथ नेता ज़्यादा है। इस राउंड मे अखिलेश का पलड़ा भारी है। आपको बता दें की इसके लिए पहले ही रामगोपाल यादव एक भारी भरकम लिस्ट आयोग को थमा चुके हैं।

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